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टेक्निकल कोर्स के गड़बड़झाले में फंसे बिहार के 5 विश्वविद्यालय, 48 घंटे में मांगा गया जवाब

मुजफ्फरपुर का बिहार विश्वविद्यालय

मुजफ्फरपुर का बिहार विश्वविद्यालय

Bihar News: नियमों के उल्लंघन के मामले में मुजफ्फरपुर के बिहार विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय पटना, एलएन मिथिल ...अधिक पढ़ें

मुजफ्फरपुर. बिहार के पांच विश्वविद्यालयों में टेक्निकल कोर्स को नियम के खिलाफ मान्यता दिलाने का मामला प्रकाश में आया है. इन पांच विश्वविद्यालयों में मुजफ्फरपुर का बिहार विश्वविद्यालय (Bihar University Muzaffarpur) भी शामिल है. शिक्षा विभाग के उप सचिव अरशद फिरोज नें इन पांचों विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को शो-कॉज नोटिस भेज कर 48 घंटो के भीतर जबाब मांगा है. विभाग का पत्र मिलने के बाद विश्वविद्यालय में हड़कम्प मच गया है. मामला फार्मेसी कोर्स (Farma Course) की पढाई को मान्यता देने का है.

पिछले दिनों बिहार विश्वविद्यालय के अलावे पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय पटना, एलएन मिथिला
विश्वविद्यालय दरभंगा, मगध विश्वविद्यालय बोधगया और मुंगेर विश्वविद्यालय मुंगेर को इस मामले में शो कॉज किया गया है. नोटिस में कहा गया है कि तकनीकी कोर्स की पढाई के लिए राज्य में आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी है. आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम 2008 के लागू हो जाने के बाद परम्परागत विश्वविद्यालय टेक्निकल कोर्स की पढाई को मान्यता नहीं दे सकते है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर एसएलपी संख्या-26086/2012 और पटना हाई कोर्ट में दायर याचिका संख्या-4660/201 और 16553/2017 के न्यायादेश में इस प्रावधान को बरकरार रखा गया है.

इसके बावजूद राज्य के पांच विश्वविद्यालय नें तकनीकी कोर्स को मान्यता देकर गलत किया है. इसके लिए इनसे स्पष्टीकरण भेजकर 48 घंटे में जबाब मांगा गया है. इस मामले में बिहार विश्वविद्यालय के सीसीडीसी डॉ अमिता शर्मा नें कहा है कि फार्मेसी कॉउन्सिल ऑफ इंडिया यानी पीसीआई द्वारा कई फार्मेसी कॉलेजों को बिहार विश्वविद्यालय से मान्यता लेने के लिए अनुशंसा की गयी थी. इसी बीच
कुछ कॉलेजों को आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय में वैकेन्सी नहीं होने के कारण मान्यता नहीं दी गयी. उसके बाद बिहार विश्वविद्यालय से 11 फार्मेसी कॉलेजों को मान्यता देने की प्रक्रिया शुरु की गयी.

विश्वविद्यालय से इन्सपेक्शन करके सीनेट और सिंडिकेट से पास कराने के बाद उन सभी फार्मेसी कॉलेजों की पढाई की मान्यता दिलाने के लिए राजभवन और सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है. इसमें सरकार और राजभवन की स्वीकृति नहीं मिली है इसलिए किसी भी कॉलेज को मान्यता नही दी गयी है.

Tags: Bihar News, Muzaffarnagar news, University education

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