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Bihar News: नल-जल योजना में भ्रष्टाचार का पलीता लगा रहे इंजीनियर-पदाधिकारी! ध्वस्त हुआ निर्माणाधीन ढांचा

मुजफ्फरपुर में नल जल योजना के तहत बन रहा स्ट्रक्चर ध्वस्त.

Muzaffarpur News: नगर आयुक्त ने कहा है कि जांच में दोषी पाए जाने पर विभाग के इंजीनियर और ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल स्ट्रक्चर को तोड़कर फिर से नया बनाने का पूरा खर्च ठेकेदार पर लगाया गया है.

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मुजफ्फरपुर. राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल जल योजना में भ्रष्टाचार का पलीता लगाया जा रहा है.  योजना में चोरी करने वाले कोई और नहीं बल्कि इंजीनियर और पदाधिकारी हैं. मामले का खुलासा तब हुआ जब नगर निगम के वार्ड संख्या 41 रामबाग इलाके में नल जल योजना का निर्माणाधीन स्ट्रक्चर स्वत: ध्वस्त हो गया. स्ट्रक्चर का एक हिस्सा पास की एक झोपड़ी पर गिरा. हालांकि इसमें जान माल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन इस घटना के बाद मुजफ्फरपुर नगर निगम की नींद उड़ गई है.  नगर आयुक्त विवेक रंजन  ने आनन-फानन में 3 इंजीनियर को शो कॉज किया है  और पूरे स्ट्रक्चर को तोड़कर फिर से बनाने का निर्देश दिया है.  इस मामले में जांच शुरू हो गई है.

नगर आयुक्त ने कहा है कि जांच में दोषी पाए जाने पर विभाग के इंजीनियर और ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.  फिलहाल स्ट्रक्चर को तोड़कर फिर से नया बनाने का पूरा खर्च ठेकेदार पर लगाया गया है. स्थानीय लोगों ने बताया की वार्ड संख्या 41 के लगभग ढाई सौ परिवारों को नल का जल पहुंचाने के लिए स्ट्रक्चर और टंकी बनाया जा रहा था. इस स्ट्रक्चर के निर्माण में जमकर धांधली हुई. बालू की किल्लत होने पर बूढ़ी गंडक नदी से बालू निकालकर इस स्ट्रक्चर को बनाया जा रहा था.  सीमेंट और छड़  की क्वालिटी में भी चोरी हुई है.  लेकिन, नगर निगम के जूनियर इंजीनियर ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया.

लोगों का कहना है कि काम के दौरान एक बार भी जूनियर इंजीनियर साइट पर नहीं देखे गए. इस निर्माण के असिस्टेंट इंजीनियर ने भी काफी साइट सुपरवाइज नहीं किया. इस वजह से ठेकेदार को जमकर चोरी करने का मौका मिला.  स्ट्रक्चर ध्वस्त हो जाने के बाद नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय ने के निर्माण का जिम्मा अपने हाथों में लिया है. नगर आयुक्त ने सिटी मैनेजर को निर्देश दिया है कि खुद से वर्तमान स्ट्रक्चर को डिस्मेंटल करवाएं और नया स्ट्रक्चर खड़ा करवाएं.

पुराने स्ट्रक्चर का सैंपल एमआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज को भेजा जा रहा है जहां उसके गुणवत्ता की जांच होगी. पूर्व की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट और वर्तमान जांच रिपोर्ट में अंतर पाए जाने पर सभी दोषियों पर कार्रवाई होगी. इस पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी नगर निगम के कार्यपालक अभियंता को दिया गया है. इस बड़े घपले के उजागर होने के बाद मुजफ्फरपुर नगर निगम में हड़कंप मचा हुआ है. वहीं समय से नल का जल मिलने का लोगों का सपना भी टूट गया है.

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