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कोरोना अपडेट: समीक्षा बैठक में अधिकारी ने आने से किया इंकार, डीएम ने FIR का दिया आदेश
Muzaffarpur News in Hindi

Praveen Thakur | News18 Bihar
Updated: March 30, 2020, 8:47 AM IST
कोरोना अपडेट: समीक्षा बैठक में अधिकारी ने आने से किया इंकार, डीएम ने FIR का दिया आदेश
मुजफ्फरपुर में आयोजित बैठक में उपस्थित अधिकारी

कोरोना (Corona) जैसी महामारी के संकट की घड़ी में मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) में यह पहला मामला आया है जब किसी सरकारी अधिकारी या कर्मी ने ड्यूटी में लापरवाही बरती है. मुजफ्फरपुर के डीएम (DM) लगातार सभी कर्मियों और अधिकारियों को कोरोना संकट से निपटने के लिए काम पर बने रहने का आदेश देते रहें हैं.

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मुजफ्फरपुर. कोरोना महामारी (Corona) में ड्यूटी से इंकार करने पर एक अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है. मामला मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) से जुड़ा है जहां के श्रम अधीक्षक विनय कुमार के खिलाफ डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने महामारी एक्ट 1897 की धारा 2,3 एवं 4 के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का आदेश दिया है. श्रम अधीक्षक विनय कुमार कोरोना को लेकर आयोजित जिला प्रशासन की बैठक में भाग लेने से इनकार कर दिया था.

28 मार्च को समाहरणालय सभा कक्ष में दूसरे राज्यों में काम कर अप्रवासी मजदूरों को सुविधा पहुंचाने के लिए बैठक बुलाई गई थी लेकिन श्रम अधीक्षक ने बैठक के लिये फोन पर बुलाये जाने पर फोन पर साफ तौर पर बैठक में आने से इंकार कर दिया. इतना ही नहीं श्रम अधीक्षक विनय कुमार ने यहां तक कह डाला कि उनके जो भी कार्रवाई है की जा सकती है लेकिन वह बैठक में नहीं आएंगे. श्रम अधीक्षक ने खुद को पटना स्थित मुख्यालय में होने का हवाला दिया.

सदर अस्पताल में लगाई गई ड्यूटी से भी थे गायब



कोरोना संकट से निपटने के लिए श्रम अधीक्षक विनय कुमार को मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल में ड्यूटी लगाई गई थी. श्रम अधीक्षक को बाहर से आने वाले मजदूरों को लेकर किए जा रहे जांच पड़ताल के लिए विशेष तौर पर सदर अस्पताल में तैनाती की गई थी लेकिन पिछले एक सप्ताह से श्रम अधीक्षक ड्यूटी नहीं कर रहे थे. जिला प्रशासन को सदर अस्पताल में लगातार उनके अनुपस्थित रहने की जानकारी मिल रही थी. इसके बाद 28 मार्च की बैठक में भी जब श्रम अधीक्षक नहीं आए तो डीएम ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश नगर थाना मुजफ्फरपुर को दिया है, साथ ही श्रम विभाग को भी उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा गया है.



महामारी एक्ट के तहत पहला दर्ज होगा मामला

कोरोना जैसी महामारी के संकट की घड़ी में मुजफ्फरपुर में यह पहला मामला आया है जब किसी सरकारी अधिकारी या कर्मी ने ड्यूटी में लापरवाही बरती है. मुजफ्फरपुर के डीएम लगातार सभी कर्मियों और अधिकारियों को कोरोना संकट से निपटने के लिए काम पर बने रहने का आदेश देते रहें हैं. डीएम ने प्रखंड स्तर के सभी अधिकारियों को प्रखंड मुख्यालय में अपना आवास रखने का सख्त निर्देश दे रखा है साथ ही जिले के वरीय अधिकारियों को भी कोरोना संकट से निपटने में पूरी तरह मुस्तैद दिखाने को कहा है लेकिन श्रम अधीक्षक के गैर जिम्मेदाराना रवैया के बाद यह पहला मामला होगा जब महामारी एक्ट 1897 के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा. मामला दर्ज करने के लिए जिले के एसएसपी को भी डीएम के गोपनीय प्रशाखा से प्रतिलिपि भेजी गई है. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद दूसरे सरकारी कर्मी और अधिकारी भी अब कोरोना संकट से बचने के लिए कोई बहाना नहीं ढूंढ सकेंगे.

लॉक डॉन में सरकारी अधिकारियों की भूमिका है अहम

देश भर में कोरोना संकट को लेकर 21 दिनों के लॉक डाउन में सरकार के कर्मियों और अधिकारियों की भूमिका काफी अहम है. सरकारी कर्मियों को आम लोगों के बीच आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण जवाबदेही दी गई है साथ ही स्वास्थ्य सेवा में लगे डॉक्टरों और नर्सों की भी भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई.

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First published: March 30, 2020, 8:44 AM IST
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