JDU का टिकट लौटाकर 'बागी' बने नीतीश के करीबी मनोज कुशवाहा, निर्दलीय चुनाव लड़ने का दिया संकेत

जेडीयू का सिंबल लौटाने वाले मनोज कुशवाहा
जेडीयू का सिंबल लौटाने वाले मनोज कुशवाहा

Bihar Election 2020: सीट बंटवारे में कुशवाहा की परंपरागत कुढ़नी सीट बीजेपी के खाते में चली गई है. इसी कारण जेडीयू ने उन्हें मीनापुर से टिकट देने का फैसला किया था.

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मुजफ्फरपुर. बिहार विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे के सवाल पर मुजफ्फरपुर में घमासान की स्थिति  बन रही है. पार्टी के पुराने नेता, कई बार विधायक और एक बार मंत्री रहे मनोज कुशवाहा में बगावत के संकेत दिए हैं. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा है कि कुढ़नी की जनता ने अगर दबाव दिया तो वो कुढ़नी से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं. यह हालात इसलिए पैदा हो रहे हैं क्योंकि मनोज कुशवाहा को मीनापुर सीट से जदयू ने पहले पार्टी का सिंबल दिया था जिसे मनोज कुशवाहा ने कार्यकर्ताओं के असहयोग की वजह से लौटा दिया था. उसके बाद मीनापुर की सीट मनोज कुमार नामक दूसरे नेता के हवाले कर दिया गया है.

पटना में सिंबल लौटा कर लौटे मनोज कुशवाहा ने मीडिया को बताया कुढ़नी की जनता उन पर चुनाव लड़ने के लिए दबाव रही है  तो जनता के दबाव के आगे हुए अपना निर्णय ले सकते हैं. मनोज कुशवाहा ने साफ कहा कि वे कुढ़नी के नेता ही नहीं बल्कि कुढ़नी के बेटा भी हैं. वे वहां के लोगों की इच्छा को नहीं टाल सकते हैं, इसलिए काफी तंज लहजे में कुशवाहा ने कहा कि चुनाव लड़ने को लेकर वे  कोई भी फैसला कर सकते हैं.

मीडिया से बातचीत के दौरान मनोज कुशवाहा के चेहरे पर काफी तंज था और तनाव साफ साफ झलक रहा था. आंतरिक सूत्रों के हवाले से यह खबर आ रही है कि मनोज कुशवाहा NDA से बाहर किसी तीसरे बैनर तले चुनाव लड़ सकते हैं. मनोज कुशवाहा कुढ़नी के कद्दावर नेता हैं. साल 2005 के विधानसभा सभा चुनाव में मनोज विधायक बने थे. 2010 के चुनाव में जीत कर वो राज्य मंत्री भी बने. जदयू में नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह के वो करीबी हैं,  ऐसे में मनोज कुशवाहा के तेवर के बड़े मायने हैं.



पूर्व मंत्री मनोज कुशवाहा को मीनापुर से टिकट मिला था और सिम्बल भी मिल चुका था, लेकिन वो कुढ़नी सीट से लड़ना चाहते थे. कुढ़नी से टिकट नहीं मिलने पर वो सिम्बल लौटा रहे है. पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह ने इस मामले पर सफाई दी और यह बताया कि पार्टी इनके निर्णय का सम्मान करती है कि इन्होंने ऐसा फैसला लिया है.
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