बारिश-ओलावृष्टि ने मुज्फ्फरपुर में मचाई तबाही, आम-लीची को नुकसान, मक्के की फसल 60 फीसदी बर्बाद
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बारिश-ओलावृष्टि ने मुज्फ्फरपुर में मचाई तबाही, आम-लीची को नुकसान, मक्के की फसल 60 फीसदी बर्बाद
बिहार के मुजफ्फरपुर में खेतों में गिरे ओले

मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) में 2 माह के भीतर दूसरी बार ओलावृष्टि (Hailstorm) हुई है. इससे पहले फरवरी माह में ओलावृष्टि हुई थी तब जिले का आंशिक इलाका ओलावृष्टि से प्रभावित हुआ था.

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मुजफ्फरपुर. जिले में आई तेज हवा और ओलावृष्टि (Hail) से फसलों (Crop) को काफी नुकसान पहुंचा है. सबसे अधिक नुकसान मक्के की फसल (Corn Crop) को हुआ है. खेतों में खड़ी मक्के की फसल 60 फ़ीसदी तक बर्बाद हो गई है. ओलावृष्टि के कारण आम (Mango) और लीची के फल को भी काफी क्षति हुई है. ओलावृष्टि जिले के पूर्वी इलाके में विशेष तौर पर हुई है. मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) का मीनापुर, औराई कटरा, बोचहां और गायघाट का इलाका ओलावृष्टि की चपेट में आया है. मक्के की फसल में अभी ठीक तरह से बाल भी नहीं आया है लेकिन ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ है.

2 माह के भीतर चौथी बार बर्बादी
मुजफ्फरपुर में 2 माह के भीतर दूसरी बार ओलावृष्टि हुई है. इससे पहले फरवरी माह में ओलावृष्टि हुई थी तब जिले का आंशिक इलाका ओलावृष्टि से प्रभावित हुआ था. गेहूं की फसल को फरवरी माह में दो बार हुई बारिश और आंधी से नुकसान पहुंचा था और गेहूं की फसल खेत में ही गिर गई थी. अप्रेल माह में एक सप्ताह के भीतर मुजफ्फरपुर में दूसरी बार तेज हवा के साथ बारिश हुई है साथ ही इस बार ओलावृष्टि से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है.

घरों को भी हुई क्षति
ओलावृष्टि की वजह से कच्चे घरों को भी काफी क्षति हुई है. खासकर टीन और एसबेस्टस के बने घरों में बड़े-बड़े ओला गिरने से काफी नुकसान हुआ है. कुछ-कुछ ओले का आकार 3 से 4 किलो तक का था. रात में हुई ओलावृष्टि के बाद भी खेतों और घरों में ओला पड़ा हुआ था. पिछले साल भी इलाके में ओलावृष्टि हुई थी जिसके कारण लोगों को काफी क्षति का सामना करना पड़ा था.



24 घंटे में क्षति के आकलन का आदेश
जिला कृषि पदाधिकारी डॉ एके वर्मा ने 24 घंटे के भीतर ओलावृष्टि की वजह से क्षति हुए फसलों की रिपोर्ट मांगी है. किसान सलाहकार की मदद से फसलों की क्षति का सर्वे कराया जाएगा. सर्वे कराने के बाद आपदा विभाग को किसानों के हुए नुकसान की भरपाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी. फरवरी माह में गेहूं की हुई क्षति के लिए सरकार ने 577 करोड रुपए सूबे के लिए जारी किया था जिसमें मुजफ्फरपुर जिला भी शामिल था. सभी किसानों को उनके खाते में क्षतिपूर्ति की राशि भेज दी गई थी लेकिन इस बार फसल के साथ ही घरों की भी क्षति हुई है जिसका सर्वे प्रखंड स्तर पर कराए जाना है.

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