लाइव टीवी

नरकंकाल मामला: CM नीतीश के SKMCH पहुंचने से पहले जलाए गए थे शव

News18 Bihar
Updated: June 24, 2019, 11:12 AM IST

बिहार में रोगी कल्याण समिति की तरफ से लावारिश लाश के अंतिम संस्कार के लिए 2 हजार रुपए दिए जाते हैं. लेकिन जांच में यह बात सामने आई है कि अस्पताल और पुलिस प्रशासन के लोग शवों को अंतिम संस्कार के लिए भेजने की बजाय उसे अस्पताल के पीछे फेंक देते थे.

  • Share this:
बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) में कुछ दिन पहले नरकंकालों के मिलने से हड़कंप मच गया था. इस मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस के हाथ-पांव फूल गए थे. आनन-फानन में मामले की जांच के आदेश दिए गए. जांच में अब चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं.

अब तक हुई जांच में यह बात सामने आई है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पिछले हफ्ते SKMCH जाने से पहले लावारिश पड़ी लाशों को अस्पताल प्रशासन ने जला दिया था. एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) यानी चमकी बुखार से हो रही बच्चों की मौत का जायजा लेने के लिए सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी SKMCH पहुंचे थे. इसी अस्पताल में सबसे ज्यादा बच्चों की जान गई थी.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण में अस्पताल प्रशासन और इलाके की पुलिस को जिम्मेदार माना जा रहा है. लावारिश लाशों को अस्पताल प्रशासन के लोग अंतिम संस्कार के लिए देने की बजाय अस्पताल के पीछे खाली पड़े जगह में फेंक देते थे.

बिहार में रोगी कल्याण समिति की तरफ से लावारिश लाश के अंतिम संस्कार के लिए 2 हजार रुपए दिए जाते हैं. इलाके की पुलिस या अन्य संस्थाओं की मदद से इस काम को कराया जाता है. लेकिन अभी तक हुई जांच में यह बात सामने आई है कि अस्पताल और पुलिस प्रशासन के लोग मिले हुए थे. ये लोग शवों को अंतिम संस्कार के लिए भेजने की बजाय उसे अस्पताल के पीछे फेंक देते थे.

ये भी पढ़ें-

SKMCH में नर कंकाल मिलने से हड़कंप, जांच के आदेश

सैकड़ों की जान लेने वाले AES को इसलिए कहते हैं 'चमकी बुखार'

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पटना से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: June 24, 2019, 9:56 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर