मौलाना के 'पाप' के सबूत के लिए DNA टेस्ट करवाना चाहती है नाबालिग पीड़ित, महिला आयोग ने न्याय का दिया भरोसा
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मौलाना के 'पाप' के सबूत के लिए DNA टेस्ट करवाना चाहती है नाबालिग पीड़ित, महिला आयोग ने न्याय का दिया भरोसा
मुजफ्फपुर में महिला आयोग की टीम से नाबालिग पीड़ित ने आरोपी और उसकी बच्ची के डीएनए टेस्ट की मांग की. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कटरा में नाबालिग बच्ची (Minor Girl) के साथ दुष्कर्म (Rape) करने वाला मौलवी मो. मकबूल सालों से गंदा खेल कर रहा था. कटरा में पिछले सात सालों से वह मौलवी था, लेकिन गांव की नाबालिग बच्ची को वह अपनी हवस का शिकार बनाता था.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: November 14, 2019, 12:27 PM IST
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मुजफ्फरपुर. कटरा में एक नाबालिग से रेप (Minor irl Rape) करने और उसे 'कुंवारी मां' बना देने का आरोपी मौलाना और उसका साथी अब तक फरार है. पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम साबित हुई है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य महिला आयोग (State womens commission) की टीम ने बुधवार को मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) में पीड़ित नाबालिग से मुलाकात की. आयोग की अध्यक्ष दिलमणि मिश्रा (Dilmani Mishra) ने पीड़ित लड़की का बयान लिया जिसमें महिला थाने की भी जांच में लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है. वहीं. पीड़ित नाबालिग ने अपने साथ हुए कुकृत्य के जिम्मेदार का नाम दुनिया के सामने लाने के लिए डीएनए टेस्ट (DNA TEST) की मांग की है.

पीड़ित लड़की चाहती है कि दोषी पर करवाई हो साथ ही उसे 'कुंवारी मां' बनाने का जिम्मेदार का भी नाम दुनिया जाने. महिला आयोग की अध्यक्ष ने पीड़िता की मांग को गंभीरता से लिया और तत्काल उसे सुरक्षा भी दिलवाई. इसके साथ ही उन्होंने पीड़ित को इंसाफ दिलाने के साथ मुआवजे का भी भरोसा दिया.

मुजफ्फरपुर के डीएम-एसएसपी से बात करती हुईं महिला आयोग की अध्यक्ष दिलमणि मिश्रा.




बता दें कि मुजफ्फरपुर के कटरा में पीड़ित नाबालिग से उसी गांव के मस्जिद के मौलाना और एक युवक पर रेप का आरोप लगा है. इस बीच उसकी कोख से जन्मे डेढ़ महीने के मासूम की कीमत 20 हजार रूपए लगाई जा रही है. आरोप है कि जब पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाई तो गांववालों ने मौलाना को बचाने की नीयत से जन्म लेने वाले बच्चे को नापाक बताकर पीड़ित परिवार समाजिक बहिष्कार कर रखा है.
न्यूज 18 ने जब इस मामले को प्रमुखता से दिखाया तो आयोग की अध्यक्ष दिलमणि मिश्रा ने पहल की और छानबीन के लिए स्वयं पहुंच गईं. उन्होंने कहा कि ये हैरत की बात है कि महिला थाने ने इतने गंभीर  मामले में भी कोई करवाई नहीं की. गौरतलब है कि पीड़ित का केस मई महीने में ही दर्ज हुआ था तब लड़की पांच महीने की गर्भवती थी. अब इस नाबालिग ने एक बच्ची को भी जन्म दे दिया है, लेकिन गांववाले आरोपियों को बचाने में लगे हैं.

आरोपी मौलाना और शोएब (फाइल फोटो)
आरोपी मौलाना और शोएब (फाइल फोटो)


बहरहाल महिला आयोग की टीम ने मुजफ्फरपुर के डीएम आलोक रंजन घोष और एसएसपी जयंतकांत के साथ बैठक की. इसमें एसएसपी ने बताया कि दोनों आरोपी अब भी फरार हैं, लेकिन आरोपी को बचाने वाले एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है और पीड़ित को सुरक्षा दे दी गई है.

डीएम आलोक रंजन घोष ने  3 लाख से 7 लाख तक मुआवजे का प्रावधान बताते हुए कहा कि पीड़ित को ज्यादा से ज्यादा मुआवजा दिलाया जाएगा. पीड़ित नबालिग है इसलिए यह राशि 1.5 प्रतिशत तक बढ़ सकती है. वहीं, पीड़ित की मांग बच्चे और आरोपियों का डीएनए टेस्ट करवाने की है जिससे बच्ची के पिता का पता चल सके.

कटरा में नाबालिग बच्ची (Minor Girl) के साथ दुष्कर्म  (Rape) करने वाला मौलवी मो. मकबूल सालों से गंदा खेल कर रहा था. कटरा में पिछले सात सालों से वह मौलवी था,  लेकिन गांव की नाबालिग बच्ची को वह अपनी हवस का शिकार बनाता था. सीतामढ़ी (Sitamarhi) जिले का रहने वाला मो. मकबूल फिलहाल चार महीने से फरार है.

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