9 सालों से लड़ रहे हैं मनरेगा के भ्रष्टाचार की लड़ाई, अब मजदूरों ने चुनाव में उतारने का लिया फैसला
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9 सालों से लड़ रहे हैं मनरेगा के भ्रष्टाचार की लड़ाई, अब मजदूरों ने चुनाव में उतारने का लिया फैसला
मुजफ्फरपुर में संजय सहनी के समर्थन में बने पोस्टर

9 साल पहले तक संजय सहनी नई दिल्ली में बिजली मिस्त्री का काम करता था लेकिन जब अपने गांव के मजदूरों के नाम मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार की कहानी संजय को पता चला तो सातवीं कक्षा पास संजय ने राजधानी को छोड़ अपने गांव लौटने का फैसला लिया.

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मुजफ्फरपुर. पिछले 9 सालों से मनरेगा (MNREGA) में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़ने वाले मुजफ्फरपुर के कुढ़नी क्षेत्र के महंत मनियारी गांव के रहने वाले संजय सहनी को इस बार के विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2020) में मजदूरों ने निर्दलीय चुनाव लड़ाने का फैसला लिया है. संजय सहनी पिछले 9 सालों से मनरेगा मजदूर की हक की लड़ाई लड़ते रहें हैं. इस दौरान संजय सहनी के खिलाफ आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे भी दर्ज कराए गए जिसके लिए बिहार के मुख्य सचिव तक को हस्तक्षेप करना पड़ा था. भ्रष्टाचार की मुहिम छेड़ने के बाद संजय साहनी के खिलाफ मनरेगा से जुड़े अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से कई मामले दर्ज कराए गए जो जांच के दौरान तथ्य विहीन मिले थे.

दिल्ली में बिजली मिस्त्री था संजय
9 साल पहले तक संजय सहनी नई दिल्ली में बिजली मिस्त्री का काम करता था लेकिन जब अपने गांव के मजदूरों के नाम मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार की कहानी संजय को पता चला तो सातवीं कक्षा पास संजय ने राजधानी को छोड़ अपने गांव लौटने का फैसला लिया. मनियारी थाना के महंत मनियारी गांव से संजय सहनी ने मनरेगा के कागजात कंप्यूटर के जरिए हासिल करने शुरू किए और फिर डाकघर और मनरेगा कार्यालयों से जुड़े भ्रष्टाचार की कहानियों को उजागर करना शुरू किया. मजदूरों को संगठित करने के लिए संजय खुद भी मनरेगा में मजदूरी की और खुद का जॉब कार्ड बनवाया. मजदूरों के संगठन मनरेगा वॉच और समाज शक्ति परिवर्तन संगठन बनाकर मजदूरों को उनके हक के लिए संगठित किया. आज संजय अपने संगठन को मुजफ्फरपुर के 8 प्रखंडों में सक्रिय तौर पर संचालित कर रहे हैं. 9 साल के दौरान मनरेगा मजदूरों के साथ मिलकर संजय ने मुजफ्फरपुर जिला मुख्यालय से लेकर दिल्ली के जंतर मंतर तक मजदूरों के हक की आवाज उठाई जिसके कारण मजदूरों को उनकी मजदूरी सही तरीके से पर मिल रही है साथ ही 100 दिनों का रोजगार भी उन्हें प्राप्त हो रहा है.

मनरेगा के मजदूरों ने शुरू किया संपर्क अभियान
संजय सहनी को बिहार विधानसभा भेजने के लिए मनरेगा से जुड़े मजदूरों ने गांव में घर-घर जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है. पोस्टर और बैनर के जरिए संजय सहनी को कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र से बिहार विधानसभा भेजने की अपील घर-घर जाकर की जा रही है. मजदूरों ने संजय सहनी को किसी पार्टी के बैनर से नहीं बल्कि निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में खड़ा करने का फैसला लिया है.


कोरोना बंदी में प्रवासी मजदूरों के परिवारों को मदद
मनरेगा मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ने वाले संजय सहनी कोरोना बंदी के दौरान पूरी तरह अपने संगठन से जुड़े साथियों के लिए सक्रिय रहे. मनरेगा मजदूरों के ऐसे परिजन जो बिहार से बाहर दूसरे प्रदेशों में रोजगार के लिए गए हुए थे, उन्हें मदद पहुंचाने के लिए संजय सहनी ने पूरी तरह सक्रियता दिखाई. कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मनरेगा मजदूरों को मास्क के इस्तेमाल के साथ ही एक दूसरे से दूरी बनाकर काम करने के लिए मनरेगा मजदूरों के संगठन ने प्रोत्साहित किया. संगठन से जुड़े 25 हजार से अधिक मजदूरों को मिलने वाली दूसरी सरकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार का भी संजय सहनी उनके संगठन ने समय-समय पर विरोध किया है. जन वितरण प्रणाली से लेकर सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में भ्रष्टाचार की खिलाफत भी संजय सहनी की टीम लगातार करती रही है जिससे भ्रष्टाचारियों को जड़ों को ईलाके में कमजोर किया गया है.
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