खुलासा: कारपोरेट कल्चर के तर्ज पर होती थी शराब की तस्करी, मंथली इनकम तीन करोड़ रुपए

मुजफ्फरपुर स्थित कॉरपोरेट ऑफिस से जब्त एक डायरी में 31 मई से 8 जून तक करीब 75 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन का हिसाब दर्ज है.

News18 Bihar
Updated: June 13, 2019, 2:22 PM IST
खुलासा: कारपोरेट कल्चर के तर्ज पर होती थी शराब की तस्करी, मंथली इनकम तीन करोड़ रुपए
शराब सिंडिकेट की जानकारी देते मुजफ्फरपुर के एसएसपी
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Updated: June 13, 2019, 2:22 PM IST
बिहार में शराब पर भले ही सरकारी प्रतिबंध लगा हो लेकिन इसकी बिक्री सिंडिकेट के माध्यम से हो रही है. मुजफ्फरपुर पुलिस नें शराब के अवैध कारोबार के एक बड़े सिन्डिकेट का खुलासा किया है जो कॉरपोरेट संस्था के अंदाज में चल रहा था. पुलिस ने इस सिन्डिकेट के आठ सदस्यों को हथियार और नगद के साथ गिरफ्तार किया है.

कैश और आर्म्स बरामद



पुलिस ने उनके ठिकाने से आठ लाख 72 हजार नगद के साथ तीन पिस्टल और आठ गोलियां भी बरामद की हैं. पुलिस के हाथ कारोबार की डायरी और चिट भी मिले है जिसकी जांच हो रही है. गिरफ्तार सिन्डिकेटर से पूछताछ में जानकारी मिली है कि मुजफ्फरपुर के कच्ची पक्की में एक फ्लैट में इनका कॉरपोरेट ऑफिस है.

इन जिलों में फैला था बिजनेस

इस सिंडिकेट का कारोबार मुजफ्फरपुर, सीतामाढ़ी, वैशाली और समस्तीपुर फैला था. हर जिले में एक प्रभारी बहाल किया गया है जो अपने जिले में कारोबार की मॉनिटरिंग करता था. पुलिस ने समस्तीपुर के जिला प्रभारी जुगनु ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है. यह भी पता चला है कि इस सिन्डिकेट का मुख्य कारोबारी कुख्यात रवि सहनी और चुन्नु ठाकुर है जिसकी पूंजी लगी है. इनकी मंथली कमाई ढाई से तीन करोड़ की थी.

8 दिन की कमाई 75 लाख

मुजफ्फरपुर स्थित कॉरपोरेट ऑफिस से जब्त एक डायरी में 31 मई से 8 जून तक करीब 75 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन का हिसाब दर्ज है. एसएसपी मनोज कुमार ने बताया कि यह गिरोह काफी स्मार्ट तरीके से कारोबार चलाता था. एक कारोबार में जिस मोबाइल सिम का उपयोग होता था उसे दूसरी बार उपयोग में नही लाया जाता था ताकि ट्रैक नहीं किया जा सके. इतना ही नहीं कारोबार के नियम काफी कड़े थे. एक बार गड़बड़ी करने वाले सदस्य को मार दिया जाता था इसी के तहत पिछले दिनों सरैया के अमित को दिल्ली ले जाकर मार दिया गया था.
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पुलिस बोली

एसएसपी नें कहा है कि यह कार्रवाई उत्तर बिहार में शराब के कारोबार पर बड़ा चोट है क्योंकि इसके संचालक और सदस्य पुराने लुटेरे हत्यारे हैं जो सेफ कमाई के लिए यह सिंडिकेट चला रहे थे. पुलिस अब इसके सरगना को दबोचने के लिए कार्रवाई कर रही है.

रिपोर्ट- सुधीर कुमार
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