Lockdown: एंबुलेंस में सवार होकर नेपाल जा रहे थे 8 लोग, पुलिस ने जांच के दौरान धर दबोचा
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Lockdown: एंबुलेंस में सवार होकर नेपाल जा रहे थे 8 लोग, पुलिस ने जांच के दौरान धर दबोचा
बिहार के मुजफ्फरपुर में एंबुलेंस की जांच करती पुलिस

मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) के सरैया थाना क्षेत्र के मानिकपुर गांव में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां एंबुलेंस (Ambulance) से 6 लोग दिल्ली से मुजफ्फरपुर तक पहुंचे. एंबुलेंस चालक ने सभी मजदूरों से दस हजार रुपया किराए के तौर पर वसूला.

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मुजफ्फरपुर. कोरोना बंदी (Corona Lockdown) में एंबुलेंस का यात्री वाहन के तौर पर धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है. आसपास के जिलों से ही नहीं बल्कि बड़े-बड़े शहरों से भी लोग एंबुलेंस (Ambulance) के सहारे अपने घर तक पहुंच रहे हैं. एंबुलेंस लिखे वाहनों में यात्रियों को भर-भर कर उनसे आवाजाही के लिए मोटी रकम वसूली जा रही है जिससे कोरोना के संक्रमण (Corona Infection) के फैलने की आशंका बढ़ गई है. पुलिस की सख्ती नहीं होने से चंद हजार रुपए की खातिर कोरोना संक्रमण (COVID-19) के खतरे को कई गुणा बढ़ाया जा रहा है. बिहार के मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) में एंबुलेंस से घर वापस आने के तीन मामले सामने आ चुके हैं. सूचना के बाद पुलिस बाहर से आए लोगों को क्वारेंटाइन करने में जुटी है.

नेपाल जाते 8 लोगों को पकड़ा गया
इतना ही नहीं पटना से नेपाल जाने के लिए भी एंबुलेंस का सहारा लिया गया. एंबुलेंस के जरिए आठ लोगों को भारत-नेपाल सीमा के रक्सौल तक ले जाने के लिए सौदा तय किया गया लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से मुजफ्फरपुर के एनएच 28 पर भगवानपुर के पास सभी को पकड़ लिया गया. पकड़े गए सभी लोग पटना में सिक्योरिटी गार्ड का काम करते थे और परिवार सहित वापस नेपाल अपने घर जाना चाह रहे थे. सदर थाना पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर क्वारेंटाइन के लिए भेज दिया है. साथ ही एंबुलेंस चालक दिलीप तिवारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी बात की जा रही है. माना जा रहा है कि एंबुलेंस चालक ने हजारों रुपए लेकर सभी नेपाली नागरिकों को रक्सौल तक पहुंचाने का ठेका लिया था.

एंबुलेंस से दिल्ली से मुजफ्फरपुर पहुंचे
मुजफ्फरपुर के सरैया थाना क्षेत्र के मानिकपुर गांव में एंबुलेंस से छह लोग दिल्ली से मुजफ्फरपुर तक पहुंचे. एंबुलेंस चालक ने सभी मजदूरों से दस हजार रुपया किराए के तौर पर वसूला. ग्रामीणों को जब इस बात की भनक लगी तो मीडिया के साथ पुलिस प्रशासन और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि को इसकी सूचना दी गई. इसके बाद सभी छह मजदूरों को स्कैनिंग कर क्वारेंटाइन करने के लिए कहा गया है. मजदूरों ने बताया कि घर वापस आने के लिए उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा था जिसके बाद एंबुलेंस से उन्हें सुरक्षित घर वापस पहुंचाने का वादा किया गया. इसके बाद सभी लोग एंबुलेंस में अपने घर तक आए हालांकि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हुआ जिससे कोरोना वायरस खतरा बना हुआ है.



जिलेवासियों को संक्रमण के फैलने का डर सता रहा
मुजफ्फरपुर में बाहर से एंबुलेंस से आ रहे लोगों से जिले के निवासियों को कोरोना संक्रमण फैलने का डर सता रहा है. अब तक मुजफ्फरपुर में कोरोनावायरस के एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिले हैं. अब तक की 312 सैंपल की जांच में सभी रिपोर्ट नेगेटिव आई है लेकिन बार-बार एंबुलेंस के द्वारा बाहर से लोगों के आने से लोगों को कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. सोमवार की देर रात मुजफ्फरपुर के गोला रोड में एंबुलेंस से दो लोग अपने घर तक पहुंचे धे जिसके बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन कर रही है. स्वास्थ्य विभाग की टीम अब इन दोनों लोगों को 14 दिनों के लिए क्वारेंटाइन करने की कवायद में जुटी है.

एंबुलेंस की नहीं हो रही सघन जांच 
नेशनल हाईवे पर तैनात पुलिस एंबुलेंस को नहीं रोक रही है जिसका फायदा एंबुलेंस चालक उठा रहे हैं और मोटी रकम वसूल कर जरूरतमंदों को उनके घर तक पहुंचाने के काम में जुटे हैं. पुलिस की सख्ती नहीं बरतने के कारण एंबुलेंस के जरिए लोग एनएच से ग्रामीण सड़कों तक पहुंच रहे हैं. एंबुलेंस से वो गांव घर तक दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों से आने वाले लोगों को पहुंचा रहे हैं जिससे जिले में कोरोना संक्रमण के फैलने की आशंका बढ़ गई है.

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