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Muzaffarpur Shelter Home Case: बिहार सरकार ने NHRC को सौंपी रिपोर्ट, 49 पीड़ितों को मिला 3-9 लाख तक मुआवजा

Muzaffarpur Shelter Home Case: बिहार सरकार ने NHRC को सौंपी रिपोर्ट, 49 पीड़ितों को मिला 3-9 लाख तक मुआवजा

बिहार सरकार ने NHRC को बालिका गृह कांड की पीड़िताओं के मुआवजा भुगतान से संबंधित रिपोर्ट सौंप दी है (फाइल फोटो)

बिहार सरकार ने NHRC को बालिका गृह कांड की पीड़िताओं के मुआवजा भुगतान से संबंधित रिपोर्ट सौंप दी है (फाइल फोटो)

Muzaffarpur Shelter Home Case: बिहार सरकार ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को बालिका गृह कांड की पीड़िताओं के मुआवजा भुगतान से संबंधित रिपोर्ट सौंपी है. सरकार द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक, 49 पीड़िताओं को तीन से नौ लाख रुपये तक की मुआवजा राशि दी जा चुकी है. साथ ही रिपोर्ट में सरकार ने बताया कि जफ्फरपुर बालिका गृह कांड के मुख्य दोषी ब्रजेश ठाकुर सहित 19 को सजा हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में रहने वाली बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न व मारपीट को लेकर महिला थाने में पॉक्सो एक्ट में 31 मई 2018 को केस दर्ज कराया गया था. इसके बाद सरकार ने इसकी जांच सीबीआई को सौंपी दी.

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मुजफ्फरपुर. बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड (Muzaffarpur Shelter Home Case) की घटना हर किसी के जेहन में आज तक ताजा है. मामला जब उजागर हुआ था तो पूरे देश में इसे लेकर सियासी बवाल मचा था. ऐसे में पीड़ितों को मुआवजा देने की भी बात कही गई थी. अब बिहार सरकार (Bihar Government) ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission) को बालिका गृह कांड की पीड़िताओं के मुआवजा (Compensation) भुगतान से संबंधित रिपोर्ट सौंपी है. रिपोर्ट के मुताबिक 49 पीड़ितों को तीन से नौ लाख रुपये तक की मुआवजा राशि दी जा चुकी है. साथ ही रिपोर्ट में सरकार ने बताया कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के मुख्य दोषी ब्रजेश ठाकुर सहित 19 लोगों को सजा हुई है.

बीते मंगलवार राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मीडिया व कम्युनिकेशन के डिप्टी डायरेक्टर जे. श्रीवास्तव ने प्रेस रिलीज जारी कर यह जानकरी दी. रिपोर्ट में कहा गया है कि मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में रहने वाली बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न व मारपीट को लेकर महिला थाने में पॉक्सो एक्ट में 31 मई, 2018 को केस दर्ज कराया गया था. इसके बाद सरकार ने इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी थी.

जांच के बाद सीबीआई ने बीस लोगों को आरोपित किया. इनके खिलाफ दिल्ली के साकेत कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल की. इसके बाद कोर्ट ने 19 आरोपितों को सजा सुनाई. एक की सजा अवधि पूरी हो गई थी, इसलिए उसे रिहा कर दिया गया है. आयोग को सरकार ने बताया कि उक्त एनजीओ को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया था.

राज्य सरकार की ओर से एनएचआरसी को यह भी बताया गया है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह चलाने वाले एनजीओ का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है. वहीं, जिस भवन में वो स्थित था उसे अदालत के आदेशों पर ध्वस्त कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में मामले की पूरी जांच और निचली अदालत की सुनवाई एक निर्धारित अवधि के भीतर पूरी हुई.

बता दें कि पुलिस और सीबीआई के बाद 29 नवंबर, 2018 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी मामले को लेकर केस दर्ज किया था. मानवाधिकार आयोग ने पीड़ितों को मुआवजा देने की अनुशंसा कर रिपोर्ट मांगी थी.

Tags: Bihar Government, Crime News, Muzaffarpur Shelter Home Rape Case

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