65 साल की बुजुर्ग ने 13 महीने में 8 बच्चे को दिया जन्म! News 18 की खबर पर NHM फर्जीवाड़े में जांच के आदेश
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65 साल की बुजुर्ग ने 13 महीने में 8 बच्चे को दिया जन्म! News 18 की खबर पर NHM फर्जीवाड़े में जांच के आदेश
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा. अब जांच का आदेश.

मिली जानकारी के अनुसार 2018 से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission) योजना में सेंधमारी की गई है और अधिकारियों एवं बैंक के सीएसपी संचालकों की मदद से भ्रष्टाचार (Corruption) का खेल खेला जा रहा है.

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मुजफ्फरपुर. न्यूज 18 द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन  (National Health Mission) में भारी फर्जीवाड़े के खेल का खुलासा किये जाने के बाद अब जांच के आदेश दिए गए हैं. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे (Health Minister Mangal Pandey) ने इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के ईडी मनोज कुमार को जांच का जिम्मा दिया है. साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि इस मामले में जांच में जो लोग भी दोषी होंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. उनके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग कड़ी कार्रवाई करेगी. दूसरी तरफ मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन ने न्यूज 18 पर खबर चलने के बाद 4 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है. यह जांच टीम कल से मुशहरी और छोटी कोठिया सहित पूरे इलाके में हुई गड़बड़ी का पता लगाएगी. सिविल सर्जन डॉक्टर एस पी सिंह ने कहा कि मुशहरी पीएससी के प्रभारी डॉ उपेंद्र चौधरी से इस मामले में तत्काल शो कॉज पूछा गया है. चार सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया गया है जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

16 पीएचसी से मांगी गई रिपोर्ट
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन डॉक्टर एसपी सिंह ने मुजफ्फरपुर के सभी 16 पीएससी से योजना से जुड़ी दस्तावेज की मांग की है. 2019 तक इस योजना में ऑडिट हुआ था, लेकिन किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने नहीं आई थी. हालांकि न्यूज़ 18 के खुलासे के बाद यह साफ हो रहा है कि साल 2018 2019 और 2020 में लगातार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना में भारी पैमाने पर गड़बड़ी की गई.  एक ही योजना में को बार-बार उन लोगों को 14 सौ रुपये का भुगतान किया गया, जो इस योजना के योग्य नहीं थे.

इस तरह हुआ घोटाला
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में बड़ा घोटाला सामने आया है. बुजुर्ग और उम्रदराज महिलाओं के खाते में योजना मद की राशि डालकर पैसे का बंदरबांट की जा रही है. लाभुकों को पता भी नहीं चल रहा है कि उसके खाते में सरकारी राशि डालकर बिचौलियों द्वारा रुपये की निकासी की जा रही है. हद तो इतनी हो गई है कि 13 माह के भीतर 8 बार एक महिला द्वारा 8 बच्चे  का जन्म होना दिखाकर सरकारी पैसे का गबन किया जा रहा है. 2018 से इस योजना में सेंधमारी की गई है और अधिकारियों और बैंक के सीएसपी संचालक की मदद से भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है. बुजुर्ग महिलाओं के खाते में पैसे डाल कर हुई निकासी कर ली गई.



यहां मिले फर्जीवाड़े के कई मामले
मुजफ्फरपुर शहर से सटे मुशहरी प्रखंड के छोटी कोठिया गांव की रहने वाली  शांति देवी, सोनिया देवी, लीला देवी और सोनी देवी के खाते में प्रोत्साहन राशि डाली गई. इनमें से 65 साल पार कर चुकी 3 महिलायें हैं. शांति देवी का सबसे छोटा बेटा 20 साल से अधिक उम्र का है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग शांति देवी के खाते में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बच्चे को अस्पताल में जन्म देने पर मिलने वाली 14 सौ रुपये की राशि भेज रही है.  जबकि शांति देवी को सरकार द्वारा वृद्धावस्था पेंशन मिल रही है और पिछले 20 सालों में शांति देवी ने किसी बच्चे को जन्म नहीं दिया है.

शांति देवी के खाते में एक बार नहीं बल्कि 13 माह के भीतर 6 बार 14 सौ रुपये की राशि भेजी गई है. पहली बार 3 जुलाई 2019 को स्वास्थ्य विभाग ने 14 सौ रुपये खाते में भेजे. 3 जुलाई 2019 को ही फिर से शांति देवी के खाते में फिर से 14 सौ रुपये भेजे गये. यानि एक ही डेट में दो बार स्वास्थ्य विभाग ने राशि भेजी. इस के बाद यह सिलसिला चलता रहा और हरेक 3 माह पर खाते में 14 सौ रुपये की राशि आ रही है. अंतिम बार इस माह में  3 अगस्त को 14 सौ रूपये खाते में भेजी गई है. हालांकि शांति देवी को एक बार भी रुपये नहीं मिले इनके खाते से राशि क्रेडिट होने के अगले दिन ही रुपये निकाल भी लिये गए.
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