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मुजफ्फरपुर में थालीपीट आंदोलन, नाराज ग्रामीणों ने खोला अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा
Muzaffarpur News in Hindi

Praveen Thakur | News18Hindi
Updated: January 29, 2020, 7:39 PM IST
मुजफ्फरपुर में थालीपीट आंदोलन, नाराज ग्रामीणों ने खोला अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा
थालीपीट आंदालन में पुरुषों के साथ ही बड़ी संख्या में महिलाओं ने इस आंदोलन में भाग लिया. (प्रतीकात्मक फोटो)

औराई प्रखंड मुख्यालय पर राशन न मिलने से परेशान ग्रामीणों ने अब आंदोलन शुरू कर दिया है. ग्रामीणों ने अधिकारियों और जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों की मिलीभगत का विरोध करने के लिए थालीपीट आंदोलन शुरू किया है.

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  • Last Updated: January 29, 2020, 7:39 PM IST
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मुजफ्फरपुर. जिले के औराई प्रखंड मुख्यालय पर राशन न मिलने से परेशान ग्रामीणों ने अब आंदोलन (Protest) शुरू कर दिया है. ग्रामीणों ने अधिकारियों और जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों की मिलीभगत का विरोध करने के लिए थालीपीट आंदोलन शुरू किया है. लोगों ने औराई के मार्केटिंग ऑफिसर और राशन के दुकानदारों से मिलीभगत कर गरीबों को सरकार की ओर से मिलने वाले राशन का गबन करने का अरोप गलाया. इस दौरान ग्रामीणों ने औराई के केएमओ का तत्काल तबादला करने और जांच करवाने की मांग की.

बड़ी संख्या में विरोध करने पहुंची महिलाएं
थालीपीट आंदालन में पुरुषों के साथ ही बड़ी संख्या में महिलाओं ने इस आंदोलन में भाग लिया. प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नियमावली के तहत पोश मशीन से हर माह की निर्धारित तारीख को उचित दाम पर राशन देने की मांग की है. फरवरी माह में राशन नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने प्रखंड मुख्यालय पर कामकाज ठप कर देने की चेतावनी भी दी है.

जन संघर्ष मोर्चा के तहत आंदोलन

औराई की कई पंचायतों के ग्रामीणों ने जन संघर्ष मोर्चा के संयोजक अखिलेश यादव के नेतृत्व में थालीपीट आंदोलन की शुरुआत की. ग्रामीणों ने प्रखंड मुख्यालय पर थाली के साथ पहुंचकर यह बताने की कि उनके लिए सरकार द्वारा दी जाने वाला राशन कितना महत्व रखता है. ग्रामीणों ने इस अनोखे आंदोलन के जरिए अपनी समस्याओं और जन वितरण प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर सरकार और प्रशासन का ध्यान खींचा है.

पहले हुआ था लोटा आंदोलन
मुजफ्फरपुर के औराई प्रखंड के लोगों ने एक पखवाड़े पहले ही लोटा आंदोलन किया था. शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि में 2000 रुपये कमीशन मांगने के विरोध में यह लोटा आंदोलन शुरू किया गया था. ग्रामीण लोटे के साथ प्रखंड मुख्यालय पहुंचे थे और लंबित भुगतान नहीं करने पर शौच से प्रखंड परिसर को गंदा कर देने की धमकी दे डाली थी. जिसका असर यह हुआ कि कई लोगों को शौचालय निर्माण की लंबित 12000 रुपये की राशि का भुगतान किया गया.अधिकारी सकते में
मुजफ्फरपुर जिले के 16 प्रखंड के अधिकारी सकते में हैं. औराई में लगातार लौटा आंदोलन और फिर थाली आंदोलन ने जिले के दूसरे प्रखंड के अधिकारियों की भी परेशानी बढ़ा दी है.

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First published: January 29, 2020, 7:39 PM IST
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