• Home
  • »
  • News
  • »
  • bihar
  • »
  • आत्मनिर्भर भारत! कोरोना काल में बेरोजगार घरेलू कामगार महिलाओं को खादी का आसरा, ऐसे मिलेगा रोजगार

आत्मनिर्भर भारत! कोरोना काल में बेरोजगार घरेलू कामगार महिलाओं को खादी का आसरा, ऐसे मिलेगा रोजगार

मुजफ्फरपुर में घरेलू कामगारों के लिए खादी के जरिये रोजगार देने की तैयारी.

मुजफ्फरपुर में घरेलू कामगारों के लिए खादी के जरिये रोजगार देने की तैयारी.

पहले चरण में घरेलू कामगारों की ट्रेनिंग कराई जा रही है. ट्रेनिंग के बाद ग्रुप बनाकर इन्हें यह चरखा दिया जाएगा जिसका पूरा खर्च खादी संघ वहन करेगा.

  • Share this:
मुजफ्फरपुर.  कोरोना वायरस (Corona virus) ने प्रवासी मजदूरों को अपने घर लौटने पर मजबूर कर दिया तो देश भर की खबर बनी. लेकिन, अपने घरों में रहकर बेरोजगार हो चुकी घरेलू कामगार महिलाओं का दर्द किसी ने नहीं सुनी.  मुजफ्फरपुर के शहरी इलाके में करीब तीन हजार ऐसी महिलाएं हैं जो दूसरों के घरों में चौका-बर्तन साफ करने का काम कर अ्पना परिवार चलाती हैं,  लेकिन संपर्क से कोरोना (Corona) फैलने के डर से इनके मालिकों नें इन्हें काम से निकाल दिया है जिससे दो वक्त का निवाला इनके लिए बड़ा सवाल बन गया है.

हाउस मेड प्रतिमा बताती हैं कि मालकिन ने कहा कि तुम कई घरों में जाती-आती हो तो कोरोना संक्रमण हो सकता है इसलिए काम छोड़ दो, बाद में बुला लेंगे. रामदयालु नगर की रेखा के पति नहीं हैं.  मालिकों के घरों में चौका झाड़ू बर्तन करके वह दो बच्चों को पालती है. अनिता के पति का भी कामबंद है और खुद भी बेरोजगार हो गई है. ऐसे हज़ारों हैं जिन्हें आज कामकी तलाश है. पीएम नरेन्द्र मोदी नें पूरे देश को आत्मनिर्भरता का संदेश दिया है, ऐसे में खादी गुरबत झेल रही इन महिलाओं का संबल बना है जो इन महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह दिखा रहा है.

मुजफ्फरपुर जिला खादी ग्रामोद्योग संघ नें एक सामाजिक संस्था- संबल से टाइ-अप करके इन महिलाओं को रोजगार दिलाने का अभियान शुरू किया गया है. खादी संघ के अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार बताते हैं कि इन महिलाओं का समूह बनाकर इन्हें आधुनिक चरखा दिया जा रहा है.

पहले चरण में इनकी ट्रेनिंग कराई जा रही है. ट्रेनिंग के बाद ग्रुप बनाकर इन्हें यह महंगा चरखा दिया जाएगा जिसका पूरा खर्च खादी संघ वहन करेगा. इन्हें कच्चा माल उपलब्ध कराने से लेकर सूत खरीदने की जिम्मेदारी खादी की है.

संबल संस्था की संयोजक संगीता सुहासिनी इन महिलाओं को एक जागरूक कर रही हैं. वे खादी और महिलाओं के बीच सेतु की भूमिका में हैंं. देश को आजादी दिलाने में खादी नें विचारधारा बनकर अहम भूमिका निभाई थी. कोरोना संकट की इस घड़ी में भी खादी इन महिलाओं को रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनाएगा.

ये भी पढ़ें


प्रवासी मजदूरों से बोले CM नीतीश- बिहार में बहुत काम है, यहीं रहिए, यहां कोई भूख से नहीं मरता




बिहार: 'साइकिल गर्ल' ज्योति के बाद मजदूरों के 'पोस्टर ब्वॉय' के लिए छलका तेजस्वी का दर्द, जानें क्या कहा

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज