'महागठबंधन का सारा ध्यान 69 फीसदी वोटबैंक को एकजुट करने पर'

अक्सर तेजस्वी यादव बिहार में तमिलनाडु की तर्ज पर 69 प्रतिशत आरक्षण की मांग करते रहे हैं. दरअसल बदले दौर के सियासी गणित के लिहाज से आरजेडी '69' अंक के आसरे बिहार में जातीय राजनीति की नई गोलबंदी तैयार कर रही है.

News18 Bihar
Updated: February 13, 2019, 7:37 PM IST
'महागठबंधन का सारा ध्यान 69 फीसदी वोटबैंक को एकजुट करने पर'
आरजेडी नेता रघुवंश प्रसाद सिंह
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Updated: February 13, 2019, 7:37 PM IST
बिहार में आरजेडी किस रणनीति पर चल रही है इसका खुलासा पार्टी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने कर दिया है. उन्होंने मुजफ्फरपुर में न्यूज 18 से बातचीत में साफ किया कि महागठबंधन का सारा ध्यान  69 फीसदी वोट बैंक को एकजुट करने का है जिसके सहारे एनडीए को परास्त किया जाएगा.

आपको बता दें कि अक्सर तेजस्वी यादव बिहार में तमिलनाडु की तर्ज पर 69 प्रतिशत आरक्षण की मांग करते रहे हैं. दरअसल बदले दौर के सियासी गणित के लिहाज से आरजेडी '69' अंक के आसरे बिहार में जातीय राजनीति की नई गोलबंदी तैयार कर रही है.

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आपको बता दें कि राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के उपेन्द्र कुशवाहा कोयरी जाति से हैं.  हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के जीतनराम मांझी मुसहर जाति से हैं और महादलितों में उनकी अच्छी पकड़ है. विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश सहनी निषाद समुदाय से आते हैं और अब ये सभी महागठबंधन का हिस्सा हो चुके हैं.

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इस सियासी गणित को देखें तो बिहार में मुस्लिम और यादव आरजेडी के साथ पहले से जुड़े हैं. आबादी के लिहाज से यहीं से 69 का कनेक्शन निकलता है. दरअसल यादव 14 प्रतिशत, मुस्लिम 17 प्रतिशत, निषाद 14 प्रतिशत, महादलित 18 प्रतिशत और कोयरी 6 प्रतिशत का जोड़ करें तो यह '69' का ही हिसाब बनाता है.  जाहिर है रघुवंश बाबू भी इसी 69 फीसदी के कनेक्शन की बात कर रहे हैं.

आरजेडी नेता ने बताया कि एनडीए के उम्मीदवारों की घोषणा होने के बाद महागठबंधन आपस में सीट शेयरिंग और उम्मीदवारों की घोषणा करेगा. उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन का उम्मीदवार एनडीए को पछाड़ने वाला होगा. उन्होंने आने वाले लोकसभा चुनाव को संविधान, देश, प्रजातंत्र, किसान और ईमान को बचाने की लड़ाई बताया.
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रिपोर्ट- प्रवीण कुमार ठाकुर

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