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नवरूणा अपहरण कांड: 3 महीने और जांच करेगी CBI, 8वीं बार बढ़ाया गया समय

News18 Bihar
Updated: December 11, 2019, 1:09 PM IST
नवरूणा अपहरण कांड: 3 महीने और जांच करेगी CBI, 8वीं बार बढ़ाया गया समय
नवरूणा अपहरण कांड के लिए आठवीं बार जांच का समय बढ़ाया गया.

सीबीआई ने नवरूणा अपहरण के 69 दिन बंद घर के सामने के नाले से मिले नरकंकाल और कपड़े के टुकड़े को फिर से डीएनए जांच के लिए भेजा है. मध्यप्रदेश के सागर में डीएनए टेस्ट के लिए भेजने की जानकारी कोर्ट को दी गई है.

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मुजफ्फरपुर. नवरूणा अपहरणकांड (Navaruna kidnapping case) में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई. इस कांड की जांच के लिए सीबीआई (CBI) को और तीन महीने का वक्त मिल गया है. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए इस कांड की जांच के लिए आठवीं बार समय बढ़ा दिया है. बता दें कि इस मामले में सीबीआई ने बीते 19 नवंबर को ही कोर्ट में केस की प्रगति रिपोर्ट के साथ 6 महीने और जांच के लिए समय देने की मांग करते हुए आवेदन दिया था.

गौरतलब है कि सीबीआई ने सीलबंद लिफाफे में केस की जांच प्रगति रिपोर्ट भी सौंपी है. जिसमें कोर्ट से किसी थर्ड पार्टी को गोपनीय बातों की जानकारी नहीं दिए जाने का अनुरोध भी किया गया है. सीबीआई ने कोर्ट को बताया है कि कुछ वैज्ञानिक जांच फिर से कराने हैं जिससे संदिग्धों के बारे में पुख्ता तौर पर तथ्यों को जुटा लेने के बाद कारवाई सीबीआई करेगी.

नाले से मिली हड्डी और कपड़े का फिर से डीएनए टेस्ट
बता दें कि सीबीआई ने नवरूणा अपहरण के 69 दिन बंद घर के सामने के नाले से मिले नरकंकाल और कपड़े के टुकड़े को फिर से डीएनए जांच के लिए भेजा है. मध्यप्रदेश के सागर में डीएनए टेस्ट के लिए भेजने की जानकारी कोर्ट को दी गई है. सीबीआई पहले से नवरूणा के माता-पिता के खून के नमूने डीएनए जांच के लिए ले चुकी है.

नाले से मिली हड्डी का डीएनए जांच करवायई गई.


19 संदिग्धों का सीबीआई करा चुकी है ब्रेन मैपिंग
सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को दी गई जानकारी में बताया है कि अब तक 19 संदिग्धों की साइंटिफिक जांच कराई गई है. इसमें 12 लोगों का पॉलीग्राफी टेस्ट, 4 का ब्रेन मैपिंग टेस्ट, 2 का नार्को और 1 का एलवीए टेस्ट केस की गुत्थी को सुलझाने के लिए कराया गया है. हालांकि सीबीआई ने एक पुलिस अधिकारी को छोड़कर किसी के नाम का खुलासा फिलहाल नहीं किया है. सुप्रीम कोर्ट को दिए बंद लिफाफे में और लोगों के नाम की जानकारी हो भी सकती है.तत्कालीन नगर थानेदार का भी ब्रेन मैपिंग टेस्ट हुआ
मुजफ्फरपुर के तत्कालीन नगर थाना के प्रभारी और नवरूणा केस के अनुंसधानकर्ता जितेन्द्र प्रसाद के ब्रैन मैपिंग टेस्ट कराने की जानकारी सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में साझा किया है. सीबीआई ने कहा कि जितेन्द्र प्रसाद ने अपहरण कांड में संलिप्ततता से इंकार किया है, लेकिन कुछ अहम जानकारी इनके पास होने की संभावना है. इससे पहले सीबीआई केस के पहले पुलिस आईओ अमित कुमार से भी पटना में
और नवरूणा के घर लाकर काफी पूछताछ कर चुकी है.

सुप्रीम कोर्ट ने 8वीं बार सीबीआई को जांच का दिया समय
18 सितंबर 2012 को सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली नवरूणा का घर के खिड़की के रॉड को तोड़कर अपहरण किया गया था. उसके बाद पहले पुलिस और बाद में सीआईडी ने मामले की जांच की । बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फरवरी 2014 से सीबीआई मामले की जांच कर रही है । अबतक सुप्रीम कोर्ट 8 बार सीबीआई को जांच के लिए अलग-अलग बार समय दे चुकी है. इस बार 3 माह का समय
सीबीआई को फिर मिला है.

करोड़ों की जमीन के लिए नाबालिग के अपहरण का आरोप
मुजफ्फरपुर शहर के बीचो-बीच स्थित 6 कठ्ठे की जमीन का सौदा परिजनों ने 3 करोड़ में किया था. इसके लिए 21 लाख रूपया मुकेश ठाकुर से एडवांस भी ले लिया था. लेकिन इसी बीच नवरूणा का अपहरण रात में सोते समय हो गया. नवरूणा के माता-पिता ने जमीन के लिए बेटी के अपहरण का आरोप लगाया.

नवरूणा के पिता अतुल्य चक्रवर्ती और मां मैत्रेयी चक्रवर्ती.


जमीन माफिया-अपराधी-नेता और पुलिस गठजोड़ पर अपहरण का आरोप
नवरूणा के पिता अतुल्य चक्रवर्ती और मां मैत्रेयी चक्रवर्ती बार-बार पुलिस अधिकारियों और जमीन माफियाओं के साथ ही नेताओं के गठजोड़ पर बेटी के अपहरण का आरोप लगाया है. सीबीआई पर राजनीतिक दबाब में अपहरण की गुत्थी नहीं सुलझाने का आरोप परिवार वाले लगाते रहे हैं. नवरूणा के पिता अतुल्य चक्रवर्ती ने न्यूज 18 से मंगलवार को कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट और भगवान पर भरोसा है कि बेटी को न्याय अवश्य मिलेगा.

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First published: December 11, 2019, 12:19 PM IST
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