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मुज़फ्फरपुर शेल्टर होम केस: वापस घर भेजी जाएंगी 8 पीड़ित लड़कियां, TISS रिपोर्ट पर SC ने बिहार सरकार से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट TISS रिपोर्ट के आधार पर 8 लड़कियों को घर वापस भेज सकता है.

सुप्रीम कोर्ट TISS रिपोर्ट के आधार पर 8 लड़कियों को घर वापस भेज सकता है.

TISS रिपोर्ट के अनुसार 20 पीड़ित लड़कियों में से 8 को उनके घर भेजा जा सकता है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चाइल्ड वेलफेयर कमिटी और बिहार सरकार को गुरुवार को जवाब देने को कहा है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 11, 2019, 12:30 PM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) मुज़फ्फरपुर शेल्टर होम (Muzaffarpur Shelter Home) की पीड़ित आठ पीड़ित लड़कियों को वापस उनके अभिभावकों को सौंप देगा. सर्वोच्च न्यायालय पीड़ित लड़कियों (Victim Girls) को उनके परिजनों के पास भेजे जाने को लेकर गुरुवार को आदेश जारी करेगा. बता दें कि टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान (Tata Institute of Social Sciences) यानी TISS ने सुप्रीम कोर्ट में 20 पीड़ित लड़कियों के पुर्नवास को लेकर अपनी रिपोर्ट दाखिल की है.

गुरुवार को आदेश जारी करेगा सुप्रीम कोर्ट
TISS रिपोर्ट के अनुसार 20 पीड़ित लड़कियों में से 8 को उनके घर भेजा जा सकता है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चाइल्ड वेलफेयर कमिटी और बिहार सरकार (Bihar Government) को गुरुवार को जवाब देने को कहा है. इसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट इस संबंध में कोई आदेश जारी करेगा.

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण और उत्पीड़न उजागर होने के बाद बिहार समेत देश भर में हड़कंप मच गया था. इस मामले में कई राजनेताओं की संलिप्तता भी सामने आई थी.

SC ने TISS को दी थी रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी


बता दें कि बीते जुलाई में मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने TISS को आदेश दिया था कि वो बालिका गृह में यातना सह चुकी सभी 44 लड़कियों के पुनर्वास का प्लान तैयार करे, और चार हफ्ते में लड़कियों के पुनर्वास की रिपोर्ट कोर्ट को सौंपे. इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा था कि सभी लड़कियों के लिए अलग-अलग पुनर्वास का प्लान बनाया जाए.

बता दें कि TISS वही संस्था है जिसने इस यौन उत्पीड़न कांड का पर्दाफाश किया था. TISS के जारी रिपोर्ट में कहा गया था कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह में बच्चियों को शारीरिक और मानसिक प्रताड़नाएं दी जाती थीं. इसका खुलासा होते ही बिहार समेत देश भर में हड़कंप मच गया था. इस मामले में कई राजनेताओं की संलिप्तता भी सामने आई थी. इस मामले के उजागर होने पर राज्य सरकार की काफी किरकिरी हुई थी.

(इनपुट- सुशील कुमार)

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