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रेप के आरोपी मौलाना को बचाने के लिए गांव वालों ने जुटाया चंदा

News18 Bihar
Updated: November 11, 2019, 2:41 PM IST
रेप के आरोपी मौलाना को बचाने के लिए गांव वालों ने जुटाया चंदा
आरोपी मौलाना और शोएब (फाइल फोटो)

गांव वालों ने पीड़ित परिवार को समाज से बहिष्कार करने की कोशिश भी की है. बीती रात ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के घर पर पत्थरबाजी की.

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मुजफ्फरपुर. बिहार के मुजफ्फरपुर के कटरा में रेप के आरोपी मौलाना मकबूल को बचाने के लिए गांव वालों ने चंदा जुटाया है. कहा जा रहा है कि मौलाना को बचाने के लिए गांव वालों से एक-एक हजार रुपए का चंदा लिया गया है. ये चंदा बाढ़ राहत में मिले 6 हजार रुपए की मदद राशि में से लोगों ने दी है. साथ ही गांव वाले दूसरे आरोपी मोहम्मद शोएब को भी बचाने की कोशिश में लगे हैं. वहीं, खबर है कि रेप पीड़िता और उसके परिवार को सामाजिक बहिस्कार की पीड़ा झेलनी पड़ रही है. गांव वालों ने पीड़ित परिवार को समाज से बहिष्कार करने की कोशिश की है. बीती रात ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के घर पर पत्थरबाजी की है. लोग नवजात बच्चे को नापाक बताकर उसको मां के पास से हटाने का दबाब बना रहे हैं. सुत्रों के मुताबिक, आरोपी मौलाना पर गांव में पहले भी दो बार यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगे थे. पुलिस में मामले जाने से पहले चार बार पंचायत भी हुई थी.

गौरतलब है कि बीते हफ्ते दोनों पूरे गांव ने मां बनने पर रेप पीड़िता को उसके परिवार को ही  कसूरवार ठहरा दिया था. इसके बाद ग्रामीणों ने डेढ़ माह के बच्चे मां को से अलग करने के लिए 20 हजार रुपए कीमत भी तय कर दी थी. तब पीड़ित नाबालिग के पिता ने नवजात और आरोपियों के डीएनए टेस्ट (DNA Test) की मांग की थी. वहीं, पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी थी.

ये था मामला
नाबालिग से रेप का आरोपी मौलाना मकबूल मूलरूप से सीतामढ़ी जिले का रहने वाला है. वह कुछ वर्षों से मुजफ्फरपुर के कटरा में स्थित एक मस्जिद में रहता था. उसके लिए गांव के सभी घरों से अलग-अलग दिनों में खाना भेजा जाता था. इसी क्रम में कुछ महीने पहले 15 वर्षीय पीड़िता जब मौलाना के लिए खाना लेकर गई, तो मौलाना ने पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिला दिया. लड़की के बेहोश हो जाने के बाद मौलाना मकबूल ने उससे दुष्कर्म किया. इसके बाद अगले दो महीनों तक तीन बच्चों का बाप मौलाना मकबूल यह घिनौना खेल खेलता रहा. मौलाना की हरकत का किसी को पता न चले, इसके लिए वह पीड़िता को धमकी भी देता था कि अगर उसने जुबान खोली तो छुरा मारकर जान ले लेगा. इसी बीच कटरा में ही रहने वाले मो. शोएब को मौलाना की हरकत का पता चल गया, तो उसने भी नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाना शुरू कर दिया.

ननिहाल से लौटी पीड़िता तो खुला मामला
मौलाना और शोएब की वहशियाना हरकत का शिकार हुई नाबालिग कुछ दिनों बाद मधुबनी स्थित अपने ननिहाल चली गई. वहां से जब वह 3 महीने बाद लौटी तो उसकी मां को बेटी के गर्भवती होने का पता चला. घरवालों ने बिन ब्याही बेटी के कोख से बच्चे को जन्म लेने दिया, जिसके बाद राज से पर्दा हटा. फिर मामले पर गांव में पंचायत बैठी, जिसमें पीड़िता को ही पूरी घटना का कसूरवार मानते हुए उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया. अल्पसंख्यक समाज से आने वाले ग्रामीणों की पंचायत इस मुद्दे पर 4 बार बैठी और अंत में मां से दुधमुंहे बच्चे को अलग कर उसे 20 हजार रुपए में बेचने का निर्णय ले लिया गया. इधर, मुंबई में मजदूरी करने वाले पीड़िता के पिता को जब मामले की जानकारी हुई तो उसने पंचायत का निर्देश न मानते हुए महिला थाने में मामला दर्ज कराया.

ड़िता को गलत ठहरा रही पंचायत
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दुष्कर्म की शिकार पीड़िता को कसूरवार ठहराने के पीछे कटरा की पंचायत जो दलील दे रही थी, वह सभ्य समाज के गले नहीं उतर सकती. इस पंचायत में मस्जिद कमेटी के लोग भी शामिल थे. मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मो. इफ्तिखार आलम का कहना था कि इस मामले पर 4 बार पंचायत बैठी, जिसमें हर बार पीड़िता से कसूरवार का नाम पूछा गया तो उसने शोएब का नाम लिया, लेकिन मौलाना के बारे में कुछ नहीं कहा. इस बारे में पीड़ित परिवार का कहना था कि लड़की ने मौलाना के डर से पंचायत में उसका नाम नहीं लिया था. लेकिन बाद में जब मौलाना के नाम का खुलासा हुआ तो पंचायत उसकी गलती मानने को तैयार नहीं हुआ. पंचायत में शामिल सदस्य इस बात पर अड़े थे कि लड़की ने पहले ही क्यों नहीं मौलाना का नाम बताया. बहरहाल, लड़की के परिजनों ने इस मामले में डीएनए टेस्ट कराने की मांग की थी, ताकि बच्चे के सही पिता का पता चल सके.

पुलिस ने गठित की विशेष टीम
बहरहाल, मामले के पुलिस में जाने के बाद इसकी जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई थी. न्यूज 18 ने जब मामले की जानकारी एसएसपी के प्रभार में चल रहे सिटी एसपी नीरज कुमार सिंह को दी तो उन्होंने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया, जिसे आरोपियों की गिरफ्तारी का आदेश दिया गया था. वहीं, डीएसपी ने मामले के मुख्य आरोपी मौलाना मकबूल को संदिग्ध बताया था. पुलिस ने बताया कि नवजात और दोनों आरोपियों का डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा. हालांकि पुलिस ने नवजात को बेचने के संबंध में किसी भी तरह की जानकारी से इनकार किया था.

रिपोर्ट- प्रवीण ठाकुर

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First published: November 11, 2019, 2:32 PM IST
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