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जानिए: मुजफ्फरपुर के बालिका गृह शोषण मामले में कब- कब क्या हुआ

जानिए: मुजफ्फरपुर के बालिका गृह शोषण मामले में कब- कब क्या हुआ

(प्रतिकात्मक फोटो)

(प्रतिकात्मक फोटो)

वहीं इस मामले में सेवा संकल्प एवं विकास समिति के रसूखदार संचालक ब्रजेश ठाकुर समेत 11आरोपी जेल में हैं. इनमें आठ महिलाएं भी शामिल हैं.

    बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बालिका गृह में हुए यौन उत्पीड़न केस में लड़की का शव निकालने के लिए वहां परिसर की खुदाई की गई. इस शेल्टर होम में पिछले दिनों 21 बच्चियों के बलात्कार का भी मामला सामने आया है. वहीं इस मामले में सेवा संकल्प एवं विकास समिति के रसूखदार संचालक ब्रजेश ठाकुर समेत 11आरोपी जेल में हैं. इनमें आठ महिलाएं भी शामिल हैं.

    जानिए कब- कब क्या हुआ
    जुलाई, 2017–
    बिहार सरकार ने राज्य के सभी बालिका गृह और अल्पावास गृहों के सोशल ऑडिट के लिए टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) के साथ करार किया.

    सितंबर, 2017 – मार्च 2018– टीआईएसएस ने राज्य भर के बालिका गृह और अल्पावास गृहों में रहने वाली लड़कियों से बातचीत की (यह भी पढ़ें- मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में हुई खुदाई, बच्ची को मारकर गाड़ने का शक).

    मई, 2018– टीआईएसएस ने राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपी.

    26 मई, 2018– समाज कल्याण विभाग ने मुजफ्फरपुर प्रशासन को रिपोर्ट भेजी.

    28 मई, 2018– साहू रोड, मुजफ्फरपुर स्थित बालिका गृह के संचालक एनजीओ के खिलाफ एफआईआर की अनुमति मिली (यह भी पढ़ें- बालिका और अल्पावास गृह चलाने के लिए NGO को करोड़ों रुपये देती है बिहार सरकार).

    30 मई, 2018- बालिका गृह की सभी 42 लड़कियों को पटना और मधुबनी भेजा गया.

    31 मई, 2018- जिला बाल सुरक्षा इकाई के सहायक निदेशक देवेश कुमार शर्मा ने मुजफ्फरपुर महिला थाने में एनजीओ सेवा संकल्प एवं विकास समिति के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया.

    03 जून, 2018- एनजीओ संचालक ब्रजेश ठाकुर समेत आठ आरोपी गिरफ्तार. इनमें ब्रजेश को छोड़ कर बाकी सभी महिलाएं.

    26 जून, 2018- मुजफ्फरपुर जिला बाल संरक्षण अधिकारी रवि रौशन लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार.

    14 जुलाई, 2018- छपरा में बालिका अल्पावास गृह में यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया. एक लड़की के गर्भवती पाए जाने के बाद एनजीओ संचालक गिरफ्तार (ऐसे हुआ था मुजफ्फरपुर बालिका गृह शोषण केस का खुलासा...).

    19 जुलाई, 2018- पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल (पीएमसीएच) ने पीड़िताओं की मेडिकल रिपोर्ट मुजफ्फरपुर पुलिस को सौंपी. कुल 21 लड़कियों के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई.

    22 जुलाई, 2018- भारी मानसिक सदमे से गुजर रहीं 30 लड़कियों को पटना और मधुबनी से मोकामा के नाजरथ अस्पताल और आश्रय में भेजा गया (मुजफ्फरपुर अल्पावास गृह यौन शोषण मामले में तेजस्वी ने फिर साधा सरकार पर निशाना).

    23 जुलाई, 2018- एनफोल्ड इंडिया हैदराबाद और एम्स के डॉक्टरों की टीम लड़कियों के इलाज के लिए पटना पहुंची.

    23 जुलाई, 2018- लड़कियों ने एक साथी की हत्या और बालिका गृह में ही दफनाए जाने का बयान दिया था. इसे देखते हुए मुजफ्फरपुर बालिका गृह परिसर में खुदाई की गई. मिट्टी को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया.

    Tags: Child sexual harassment, Muzaffarpur news

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