लाइव टीवी

मंदिरों से निकलने वाली पूजन सामग्री से बनेगी जैविक खाद, लाताबों और नदियों में फेंका तो बढ़ेगी परेशानी

News18 Bihar
Updated: November 21, 2019, 1:39 PM IST
मंदिरों से निकलने वाली पूजन सामग्री से बनेगी जैविक खाद, लाताबों और नदियों में फेंका तो बढ़ेगी परेशानी
मंदिरों से निकलने वाली पूजन सामग्रा से बनेगी खाद. (फाइल फोटो)

मंदिरों (Temples) से निकलने वाले हार, फूल, दुर्वा और नारियल (Coconut) वेस्ट से पूषा विश्वविद्यालय (Pusha University) में जैविक खाद (Organic Manure) बनाई जाएगी, जिसका प्रयोग खेती (farming) और बागानों में किया जा सकेगा.

  • Share this:
मुजफ्फरपुर. मंदिरों (Temples) में चढ़ाने वाले प्रसाद के बचे अवशेष(Remains, बेल पत्र, फूल-माला और अन्य सामाग्री को अब आप नदियों (Rivers) और तालाबों में नहीं डाल पायेंगे. नदियों और तालाबों को जीवित रखने के लिए बिहार के सबसे बड़े शिव-भक्ति केंद्र गरीब-स्थान के प्रबंधन ने पूषा विश्वविद्यालय (Pusha University) से मिलकर एक अनुबंध किया है.

इसके तहत अब मंदिर में चढ़ाये गए तमाम पूजन सामग्री और प्रसाद को नदियों में डालने के बजाए जैविक खाद बनाने के लिए पूषा विश्वविद्याल भेजा जाएगा. यहां से बनी खाद को किसान अपने खेतों में प्रयोग कर सकते हैं. अगर आपने पूजन सामग्री को तालाब में फेंका तो जुर्माना भी देना पड़ सकता है.

जेएन मिश्रा कॉलेज के प्रोफेसर डॉ नवेश कुमार ने बताया कि इस दिशा में मुजफ्फरपुर के गरीब स्थान मंदिर के प्रबंधन ने बेहतरीन पहल की है. मंदिर में भारी मात्रा में बेलपत्र प्रसाद केले के पौधे और अन्य पूजन सामग्री बाबा को चढाया जाता है. जिसे खाद बनाने के लिए पूषा कृषि विश्वविद्यालय भेजा जा रहा है.

गरीब स्थान मंदिर मुज के प्रधान पूजारी पंडित विनय पाठक ने कहा कि नदियां और जलाशय हमार मां-बाप हैं. उन्हें कभी भी गंदा नहीं करना चाहिए. पंडित विनय पाठक का कहना है कि धर्म शास्त्रों में भी नदियों को साफ स्वच्छ रखने की बात कही गयी है.

बिहार सरकार ने लिया है तालाबों को बचाने का संकल्प
पृथ्वी पर पानी की लगातार हो रही कमी विश्व को तीसरे युद्ध की ओर ले जा रही है. बिहार में जल जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने जल जीवन हरियाली योजना के तहत तालाबों को बचाने का संकल्प लिया है. मुजफ्फरपुर इस अभियान में खुद आगे बढ़कर सरकार के साथ स्वैच्छिक कदमताल कर रहा है.

छात्र-छात्राओं की टीम लोगों को कर रही जागरूक
Loading...

पार्यावरण और तालाबों को सुरक्षित रखने के मकसद से जिले के जगन्नाथ मिश्रा कॉलेज के एक प्रोफेसर ने छात्र-छात्राओं की एक टीम बनाई है. यह टीम सप्ताह में एक दिन तालाब सफाई में श्रमदान करता है और लोगों को पूजन सामग्री जलाशयों में डालने के बजाए अपनी निजी जमीन में गाड़कर खाद बनाने की अपील कर रहा है.

ये भी पढ़ें- अपनी प्रतिभा की कद्र नहीं करता बिहार! पटना की सड़कों पर चाय बेच रहा नेशनल लेवल का तैराक

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मुजफ्फरपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 21, 2019, 1:39 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...