Yaas Effect: उत्तर बिहार के किसानों पर यास का कहर, करोड़ों का मक्का तबाह

बिहार के मुजफ्फरपुर में यास के कारण तबाह हुई मक्के की फसल

बिहार के मुजफ्फरपुर में यास के कारण तबाह हुई मक्के की फसल

Yaas Cyclone Effect: मुजफ्फरपुर में मक्का का विशाल बेल्ट है. पचास पंचायतों के दो सौ से ज्यादा गांवों में मक्का की खेती होती है. मक्का बेल्ट करीब 18 हजार हेक्टेयर में फैला है.

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मुजफ्फरपुर. यास चक्रवात के कारण बे मौसम बारिश मक्का किसानों पर आफत बनकर टूटी है. मक्के की तैयार फसल बर्बाद हो गई है. किसानों को करोड़ों का नुकसान हुआ है. जिले के बोचहां, मीनापुर, गायघाट, बांदरा और कटरा प्रखंडों के सीमाक्षेत्र के दो सौ से ज्यादा गांवों में मक्का की खेती होती है. मक्का बेल्ट 18 हजार हेक्टेयर में फैली है,

मौसम ठीक रहते हुए किसानों नें पचास प्रतिशत मक्के की कटाई कर ली थी लेकिन आधी तैयार फसल अभी भी खेतों में है.इसे यास की बारिश और तेज हवा नें तहस नहस कर दिया. इसे बचाने के लिए किसान कटाई के बदले खेतों में पौधे से बाल निकाल रहे हैं. बोचहां के किसान सुरेश मंडल बताते हैं कि पानी में भीग जाने से दाने काले पड़ रहे हैं. ऐसी मक्का सस्ती बेचनी पड़ेगी.

बारिश से ज्यादा नुकसान

किसान लक्ष्मण मंडल का कहना है कि लागत निकालने के लिए किसान पानी में डूबे फसल को निकालने की कवायद कर रहे हैं लेकिन बार-बार बारिश होने से इसमें भी दिक्कत हो रही है. उधर किसानों नें जो मक्का काटकर दाने निकाल लिए थे वो भी बारिश में भींग गए हैं. आम तौर पर मक्के की बाली की अधिक मात्रा के कारण किसान इसे खुले में रखते हैं जो दो दिनों की लगातार बारिश में भीग गईं. भींगे दानों को सुखाने के लिए इलाके से गुजरने वाली सड़कों पर पसारा जा रहा है लेकिन इसे बचाने में भी किसानों के पसीने छूट रहे हैं क्योंकि अक्सर हल्की बारिश हो जाती है.
अधिकारी बोले

बांदरा के किसान ब्रजकिशोर राय, सुरेन्द्र राय, नागा राय अपनी बात कहते कहते दुखी हो जाते हैं कि जो आधी फसल खेतों से निकाल कर लाए थे उसे भी बारिश भिगो कर खराब करा देती है. किसान अब सरकार से राहत की उम्मीद लगाए है. जिला कृषि पदाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने कहा है कि क्षति का आकलन कराया जा रहा है और इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी.

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