Lockdown: बुजुर्ग और महिलाओं की सेवा के लिए बनाया व्हाट्सऐप ग्रुप, एक कॉल पर पहुंचते हैं डॉक्टर्स
Muzaffarpur News in Hindi

Lockdown: बुजुर्ग और महिलाओं की सेवा के लिए बनाया व्हाट्सऐप ग्रुप, एक कॉल पर पहुंचते हैं डॉक्टर्स
बुजुर्गों की सेवा करते लोग

ग्रुप ऐडमिन (Group Admin) पंकज पटवारी बताते हैं कि इस ग्रुप का लिंक फेसबुक (Facebook), इंस्टाग्राम (Instagram), मैसेन्जर, टेलेग्राम जैसे सोशल मीडिया पर भेजा जाता है और लोग ग्रुप से जुड़ कर सेवा हासिल करते हैं.

  • Share this:
  • fb
  • twitter
  • linkedin
मुजफ्फरपुर. कोरोना (Corona) के कहर से कराहते माहौल में एक अच्छी खबर बिहार के मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) से है. यहां कहानी है एक कोरोना कर्मवीर युवती की जो खुद कोरोना लॉकडाउन (Lockdown) से परेशान हो गई लेकिन अपने बुलंद इरादों से उसने जो समाधान निकाला वह कोरोना संकट से जूझ रहे बुजुर्गों और महिलाओं के लिए कोरोना से जंग का हथियार बन गया. इस लड़की का नाम कनक है और इनके प्रयास से मानवता की सेवा तो हो ही रही है, वह लॉकडाउन को प्रोत्साहन भी दे रहा है.

मां की तबीयत खराब हुई तो आया आइडिया

मुजफ्फरपुर की कोरोनावीर लड़की कनक पत्रकारिता की छात्रा हैं. लॉकडाउन लागू होने के बाद एक दिन अचानक रात में कनक की मां की तबीयत ज्यादा खराब हो गई. घर में भाई और पिता नहीं थे. असमंजस में पड़ी कनक ने अपने व्हाट्सऐप ग्रुप में अपने मित्रों को याद किया. कनक का मेसेज पढ़कर उसके कई मित्रों नें कॉल कर हाल चाल जाना और एक डॉक्टर को लेकर उसके घर आ गए. रात में घर में अकेली परेशान कनक की मां का इलाज घर बैठे हो गया. यह आइडिया उसके दिमाग में क्लिक कर गया और अगले ही दिन उसने लॉकडाउन प्रॉब्लम सॉल्युशन नाम से व्हाट्सऐप ग्रुप बना दिया, जिसमें उन लोगों की सेवा शुरू हो गई जो घरों से बाहर निकलने में समर्थ नही हैं.



ग्रुप में डॉक्टर से लेकर सब्जी दुकानदार तक



कनक की इस मुहिम से कई लोग जुड़ गए जिसमें डॉक्टर, लैब टेक्निशियन, ड्रगिस्ट, किराना फल और सब्जी दुकानदार तक शामिल हैं. ग्रुप ऐडमिन पंकज पटवारी बताते हैं कि इस ग्रुप का लिंक फेसबुक, इंस्टाग्राम, मेसेंजर, टेलेग्राम जैसे सोशल मीडिया पर भेजा जाता है और लोग ग्रुप से जुड़ कर सेवा हासिल करते हैं.  ग्रुप में जुड़े वॉलंटियर्स खुद से जरूरत के सामान जरूरतमंदों तक पहुंचा देते हैं.

रियलिटी चेक में भी हुए पास

तस्दीक के लिए हमने दो घरों में जाकर इस अभियान का रियलिटी चेक भी किया. अपने चेक में हमने पाया कि ये कोरोनावीर जो कहते हैं वह करते भी हैं. इनकी सेवा का लाभ लेने वाली गृहिणी अर्चना और पिंकी बताती हैं कि घर के बुजुर्ग सदस्य के बीमार हो जाने पर यह ग्रुप इनका सहारा बना. ये दोनों इन्हें दिल से धन्यवाद दे रहे हैं. अर्चना कहती हैं कि ऐसे ही एक-दूसरे का सहयोग और साथ देकर कोरोना को भगाया जा सकता है.

ये भी पढ़ें- हरियाणा-पंजाब से बिहार आ सकेंगे हार्वेस्टर चालक, सरकार ने जारी किए 750 पास

ये भी पढ़ें- #ReleaseLaluPrasadYadav : लालू की रिहाई को लेकर ट्विटर पर शुरू हुआ अभियान
First published: April 8, 2020, 5:49 PM IST
अगली ख़बर

फोटो

corona virus btn
corona virus btn
Loading