हरनौत विधानसभा सीट: नीतीश कुमार की इस सीट पर विरोधियों की दाल नहीं गलती

हरनौत विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दो बार चुनाव जीते हैं.
हरनौत विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दो बार चुनाव जीते हैं.

हरनौत विधानसभा सीट (Harnaut Assembly Seat) से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चार बार चुनाव लड़े. जिसमें उन्हें दो बार हार और दो बार जीत मिली. हरनौत सीट को जेडीयू का अभेद किला माना जाता है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 25, 2020, 5:50 PM IST
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नालंदा. बिहार के नालंदा जिले में पड़ने वाली हरनौत विधानसभा सीट (Harnaut Assembly Seat) नालंदा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. साल 1967 से ये पहले यह बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र का भाग था. लेकिन 1972 में परिसीमन में हरनौत विधानसभा सीट अस्तित्व में आया. पहले इसके अंतर्गत हरनौत एवं रहुई प्रखंड पड़ता था. लेकिन 2008 में नये परिसीमन के बाद चंडी एवं नगरनौसा प्रखंड को इसका भाग बना दिया गया. चंडी विधानसभा सीट को खत्म कर दिया गया.

दो बार चुनाव जीत चुके हैं नीतीश कुमार

हरनौत विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चार बार चुनाव लड़े. जिसमें उन्हें 1977 और 1980 के चुनाव में हार मिली, जबकि 1985 और 1995 के चुनाव में विजयी हुए. हरनौत सीट को जेडीयू का अभेद किला माना जाता है. 2005 से लेकर अबतक हुए चुनावों में पार्टी यहां से लगातार जीतती रही है. जेडीयू उम्मीदवारों का आरजेडी और एलजेपी से मुकाबला रहा है.



2005 से जेडीयू का है कब्जा
2015 के चुनाव में जेडीयू के हरिनारायण सिंह ने एलजेपी के अरुण कुमार को मात दी. उससे पहले 2010 के चुनाव में भी जेडीयू के टिकट पर ही हरिनारायण सिंह यहां से विजयी हुए, लेकिन तब अरुण कुमार आरजेडी के टिकट पर चुनावी मैदान में थे. उससे पहले 2005 में हुए दो चुनावों में जेडीयू के सुनील कुमार यहां से विजयी रहे.



अतिपिछड़ा मतदाता तय करते हैं जीत-हार

हरनौत विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,74,937 मतदाता हैं, जिनमें से 1,46,144 पुरुष और 1,28,781 महिलाएं हैं. 2008 में नये परिसीमन के बाद हरनौत विधानसभा क्षेत्र में नगरनौसा, चंडी और हरनौत प्रखंड को शामिल किया गया. हरनौत क्षेत्र कृषि प्रधान क्षेत्र है, लेकिन नहरों की व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों को कभी बाढ़ तो कभी सुखाड़ का सामना करना पड़ता है. हरनौत में एक भी सरकारी कॉलेज नहीं रहने के कारण स्थानीय छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में परेशानी होती है. चंडी में स्थित सब्जी इंस्टीट्यूट जैविक एवं इरिगेशन में किसानों को फसल उगाने का प्रशिक्षण दिया जाता है.

हरनौत विधानसभा क्षेत्र में अतिपिछड़ा मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं. स्थानीय लोगों में आक्रोश इस बात को लेकर है कि प्रखंड मुख्यालय होने के बावजूद महत्वपूर्ण संस्थानों को हरनौत के बदले कल्याण बीघा में स्थापित किया गया. लोगों को कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गांव कल्याण बिगहा का विकास होना चाहिए, परन्तु रेफरल अस्पताल और शूटिंग रेंज जैसे संस्थानों को हरनौत में होना चाहिए.

पिछले 5 चुनाव में किसे मिली जीत 

2015- हरिनारायण सिंह (जेडीयू)

2010- हरिनारायण सिंह (जेडीयू)

अक्टूबर, 2005- सुनील कुमार (जेडीयू)

फरवरी, 2005- सुनील कुमार (जेडीयू)

2000- विश्वमोहन चौधरी (एसएपी)
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