राजगीर विधानसभा सीट: पर्यटन के विश्व प्रसिद्ध इस क्षेत्र में लहराता रहा है भगवा झंडा

राजगीर स्थित प्राचीन नालंदा यूनिवर्सिटी के अवशेष
राजगीर स्थित प्राचीन नालंदा यूनिवर्सिटी के अवशेष

राजगीर विधानसभा सीट (Rajgir Assembly Seat) पर पहले जनसंघ फिर बीजेपी का झंडा लहराता रहा है. हालांकि बीच के कुछ सालों में सीपीआई ने भी यहां जीत हासिल की. लेकिन बीजेपी ने सीट वापस छीन ली. लेकिन पिछले चुनाव में आरजेडी के जोर पर बीजेपी को यह सीट गंवानी पड़ी. जेडीयू को जीत मिली.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 21, 2020, 11:26 PM IST
  • Share this:
नालंदा. बिहार की राजगीर विधानसभा सीट (Rajgir Assembly Seat) आजादी के बाद ही अस्तित्व में आया. साल 1952 में अस्तित्व में आने के बाद साल 1969 से ये अधिसूचित क्षेत्र के रूप में जाना जाता है. 1952 से 1969 तक यहां जनसंघ का कब्जा रहा. लेकिन 1972 में यहां से सीपीआई के चंद्रदेव प्रसाद हिमांशु चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे. लेकिन अगले ही विधानसभा चुनाव साल 1977 में भाजपा ने अपना झंडा गाड़ दिया. भाजपा के सत्यदेव नारायण आर्य 1977 से 1985 तक लगातार इस सीट पर जीत हासिल की. लेकिन 1990 में पुनः सीपीआई के चंद्रदेव प्रसाद हिमांशु ने भाजपा की झोली से यह सीट छीन ली. लेकिन पांच साल बाद 1995 के चुनाव में पुनः सत्यदेव नारायण आर्य ने भाजपा का परचम लहराने में कामयाबी हासिल की. 2010 तक यह सीट सत्यदेव नारायण आर्य के नेतृत्व में भाजपा के खाते में रहा.

पिछले चुनाव में जेडीयू ने छीन ली थी सीट

2005 में जेडीयू-बीजेपी में गठबंधन के बाद भी यह सीट भाजपा के ही खाते में रहा. 2015 के चुनाव में नीतीश कुमार भाजपा को छोड़कर राजद के साथ हो लिये. जबकि भाजपा अकेले पड़ गयी. राजद की मदद से 2015 के चुनाव में जेडीयू ने बीजेपी से यह सीट छीन ली. वर्तमान में यहां से जेडीयू के रवि ज्योति विधायक हैं.



पर्यटन के नजरिये से विश्व में प्रसिद्ध
राजगीर विधानसभा क्षेत्र कृषि प्रधान होने के साथ- साथ राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है. यह क्षेत्र ऐतिहासिक दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण स्थान रखता है. प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय, भगवान बुद्ध एवं भगवान महावीर की जन्मस्थली कुंडलपुर एवं पावापुरी के लिए यह विश्व में प्रसिद्ध है.



2009 में बिहारशरीफ को किया गया शामिल 

2009 में नए परिसीमन में कतरीसराय प्रखंड को काटकर बिहारशरीफ के सभी 14 पंचायतों को राजगीर सीट में शामिल किया गया. वर्तमान में इस क्षेत्र में राजगीर प्रखंड के एक पंचायत एवं नगर पंचायत, सिलाव का सिलाव नगर पंचायत क्षेत्र एवं 11 पंचायत, गिरियक के सभी 7 पंचायत के साथ-साथ बिहारशरीफ के 14 पंचायत शामिल हैं.

भूमिहार एवं पासवान जाति के वोटर्स तय करते हैं जीत-हार

राजगीर विधानसभा क्षेत्र में 2 लाख 92 हजार वोटर्स हैं. जिसमें पुरुष मतदाता 1 लाख 52 हजार 963 एवं महिला मतदाता 1 लाख 39 हजार 36 शामिल हैं. यहां भूमिहार एवं पासवान जाति के वोट जीत-हार तय करते हैं. कुशवाहा एवं घमयला कुर्मी जाति की भी अच्छी आबादी है. यहां पर वर्तमान विधायक रवि ज्योति की स्थिति मजबूत दिख रही है. यदि दूसरी पार्टी के द्वारा स्थानीय उमीदवार को मैदान में उतारता जाता हो तो मुकाबला दिलचस्प हो जाएगा.

ये हैं समस्याएं

राजगीर विधानसभा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था कृषि और पर्यटन पर टिकी हुई है. लेकिन आज तक यहां कृषि के क्षेत्र में कोई भी ऐसा कार्य नहीं हुआ है, जो किसानों के लिये लाभदायक सिद्ध हो. आज भी यहां के किसान सिंचाई, बिजली और कृषि बाजार के लिए परेशान हैं. कृषि मजदूरों और किसानों का पलायन जारी है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज