बिहार: बख्तियारपुर-राजगीर रेलखंड पर पंचाने नदी रेल पुल के पिलर में दिखी दरार! हर दिन गुजरती है 20 से अधिक ट्रेन
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बिहार: बख्तियारपुर-राजगीर रेलखंड पर पंचाने नदी रेल पुल के पिलर में दिखी दरार! हर दिन गुजरती है 20 से अधिक ट्रेन
पंचाने नदी पर बने रेलपुल के पाये में दिखी दरार.

पंचाने नदी रेल पुल (Panchane River Rail Bridge) एक पाया इस प्रकार से क्षतिग्रस्त हो गया है कि जैसे लग रहा है वह बैठ गया है. इसके कारण इसमें दरार भी दिख रही है. हालांकि न तो इस पुल पर रेलवे विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की नजर है और न ही स्थानीय प्रशासन की.

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नालंदा. पंचाने नदी पर बने रेलवे पुल (Railway bridge over Panchane river) के पायों में काफी दरार पड़ चुकी है, लेकिन क्षतिग्रस्त पुल से अब भी  20 से अधिक ट्रेन प्रतिदिन सरपट दौड़ रही है. जाहिर है बख्तियारपुर-राजगीर रेलखंड (Bakhtiyarpur-Rajgir Rail Section) पर पावापुरी-नालंदा स्टेशन के बीच पंचाने नदी रेलवे पुल पर खतरा मंडरा रहा है और ये कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है. दरअसल सुनसान इलाका होने के कारण बालू माफियाओं द्वारा अपनी कमाई बढ़ाने के लिए नदी से बालू निकालने की लालच में रेलवे पुल का सपोर्ट का काम कर रही जमा बालू की अवैध कटाई बेधड़क कर रहे हैं. जिसके कारण रेलवे पुल का एक पाया क्षतिग्रस्त होना शुरू हो गया.

बता दें कि एक पाया इस प्रकार से क्षतिग्रस्त हो गया है कि जैसे लग रहा है वह बैठ गया है. इसके कारण इसमें दरार भी दिख रही है. हालांकि न तो इस पुल पर रेलवे विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की नजर है और न ही स्थानीय प्रशासन की. जाहिर है ये अनदेखी किसी बड़े रेल हादसे का सबब बन सकती है.

दिन के उजाले में होती है बालू चोरी
बता दें कि प्रतिदिन पंचाने नदी में बालू माफिया अपनी दबंगई दिखाकर अवैध बालू का उठाव कर रहे हैं, लेकिन उन्हें इस बात की परहाह  नहीं है कि वे जो करने जा रहे हैं यह आने वाले समय में कितना खतरनाक साबित हो सकती है. बालू माफिया चंद रुपयों की खातिर सैकड़ों लोग को जान लेने पर तुले हैं.   इस ब्रिज से प्रतिदिन कई ट्रेनें गुजरती है,  लेकिन ऊपर से पता नहीं चल पाने के कारण रेलवे अधिकारियों को भी इस मामले में अभी तक पता नहीं है.
रेलखंड से गुजरती है प्रतिदिन कई ट्रेन


इस रेलखंड से प्रतिदिन करीब 10 जोड़ी एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेन के साथ 10 से 15 ट्रेने मालगाड़ी चलती हैं. फिर भी न तो रेलवे प्रशासन इस क्षतिग्रस्त रेलवे पुल पर ध्यान दे रहा है और न ही स्थानीय प्रशासन. अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में पंचाने नदी की बाढ़ का पानी से यह रेलवे पुल का पाया और तेजी से क्षतिग्रस्त हो सकता है. न्यूज़ 18 संवादाता को लगी तो वह स्थल पर पहुंच रेलवे पुल का गहराई से जायजा लिया. जहां क्षतिग्रस्त रेलवे पुल का पाया देख दंग रह गये.

क्या कहते हैं रेलवे के अधिकारी

इस मामले में स्टेशन प्रबंधक राजगीर चन्द्रभूषण सिह ने बताया कि यह जिम्मेदारी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की है. जैसी कि जानकारी मिल रही है कि बालू का उत्खनन के कारण पुल में दरार आ गयी है, लेकिन ऐसा नही है कि इंजीनियरिंग विभाग के द्वारा जायजा नहीं लिया होगा. बिना जायजा के परिचालन नहीं होता है.

वहीं दानापुर के डीआरएम सुनील कुमार ने कहा कि इस मामले में पूरी तरह जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी. पुल के नीचे नदी में अगर अवैध खनन हो रहा है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए और रेलवे अधिकारी इसकी जांच करके इस पर कार्रवाई करेंगे.

बहरहाल इतना तो तय है कि अगर रेलवे प्रशासन ने जल्दी ही पुल के पायों की रीपेयरिंग और   बालू माफियाओं की गैर कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए कोई कदम जल्दी ही नहीं उठाए तो सैकड़ों यात्रियों की जान पर कभी भी बन आ सकती है.

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