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    बिहार चुनाव रिजल्ट: RJD प्रत्‍याशी महज 12 वोटों से हारे, JDU के खाते में गई हिलसा सीट

    आरजेडी विधायक शक्ति सिंह यादव (फाइल फोटो)
    आरजेडी विधायक शक्ति सिंह यादव (फाइल फोटो)

    राजद (RJD) ने ट्वीट कर आरोप लगाया था कि हिलसा विधानसभा क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी शक्ति सिंह को निर्वाचन अधिकारी ने 547 वोट से विजयी घोषित कर दिया था. सर्टिफ़िकेट लेने के लिए इंतज़ार करने को कहा गया था.

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    पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections 2020) में हिलसा सीट महज 12 वोटों के अंतर से JDU के खाते में चली गई. चुनाव आयोग की वेबसाइट पर मंगलवार देर रात अपडेट की गई सूचना के अनुसार, JDU के कृष्ण मुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया को 61,848 वोट मिले हैं. जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी RJD उम्मीदवार अत्री मुनि उर्फ शक्ति सिंह यादव (Shakti Singh Yadav) को 61,836 वोट मिले हैं. इस तरह हिलसा सीट (Hilsa Seat) महज 12 वोटों के अंतर से जदयू के खाते में चली गई.

    इससे पहले रात करीब 10 बजे जब हिलसा सीट पर अभी मतगणना जारी की स्थिति आ रही थी तो उस वक्त राजद ने गिनती में गड़बड़ी का आरोप लगाया था. पार्टी ने ट्वीट कर आरोप लगाया था कि हिलसा विधानसभा क्षेत्र से राजद प्रत्याशी शक्ति सिंह को निर्वाचन अधिकारी ने 547 वोट से विजयी घोषित कर दिया था. सर्टिफ़िकेट लेने के लिए इंतज़ार करने को कहा गया. सीएम आवास से रिटर्निंग अधिकारी को फ़ोन आता है. फिर अचानक अधिकारी कहते हैं डाक मत रद्द होने के कारण आप 13 वोट से हार गए. वहीं, चुनाव आयोग ने इन आरोपों से इनकार किया है.





    दरअसल, राष्ट्रीय जनता दल ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर ट्वीट कर कहा था कि ये उन 119 सीटों की सूची है, जहां गिनती संपूर्ण होने के बाद महागठबंधन के उम्मीदवार जीत चुके है. रिटर्निंग ऑफ़िसर ने उन्हें जीत की बधाई दी, लेकिन अब सर्टिफ़िकेट नहीं दे रहे हैं. वह कह रहे हैं कि आप हार गए हैं, जबकि चुनाव आयोग (ECI) की वेबसाइट पर भी इन्हें जीता हुआ दिखाया गया है. जनतंत्र में ऐसी लूट नहीं चलेगी.
    बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे देर रात तक चली मतगणना के बाद मंगलवार को जारी कर दिए गए. बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को 125 सीटें, महागठबंधन को 110 सीटें, एलजेपी को 1 जबकि अन्य के खाते में 7 सीटें गई हैं. बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार ने साबित कर दिया कि उनका सुशासन बिहार की जनता की पहली पसंद है और वहां के लोग अभी भी उनपर भरोसा करते हैं. हालांकि इस चुनाव को पूरी तरह से नीतीश कुमार के पक्ष में करने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से बिहार में चुनावी रैलियां की उसके बाद से एनडीए पर बिहार की जनता का भरोसा बढ़ गया. प्रधानमंत्री ने लोगों को आगाह किया कि उनका वोट एक बार फिर बिहार में जंगलराज ला सकता है. प्रधानमंत्री की यही बात शायद बिहार की जनता के दिल में घर कर गई.
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