बोरी में सिक्के लेकर नॉमिनेशन फॉर्म खरीदने पहुंचा उम्मीदवार, अफसरों के छूटे पसीने

सिक्का जमा करने के पीछे बसपा प्रत्‍याशी शशि कुमार ने तर्क दिया कि बिहार में छोटे सिक्कों पर अघोषित प्रतिबंध है.

News18 Bihar
Updated: April 24, 2019, 2:38 PM IST
बोरी में सिक्के लेकर नॉमिनेशन फॉर्म खरीदने पहुंचा उम्मीदवार, अफसरों के छूटे पसीने
सिक्कों की गिनती करते कर्मचारी
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Updated: April 24, 2019, 2:38 PM IST
लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार में नामांकन का दौर जारी है. इस कड़ी में प्रत्याशी अलग-अलग अंदाज में नामाकंन दाखिल करने पहुंच रहे हैं. बुधवार (24 अप्रैल) को नालन्दा में कुछ अलग नजारा देखने को मिला जहां एक प्रत्याशी बोरी में सिक्के लेकर नामांकन फॉर्म खरीदने पहुंचा.

जिले के बिहारशरीफ में बसपा प्रत्याशी शशि कुमार ने जमानत की राशि जमा करने के लिए एक, दो और पांच रुपए के सिक्के का जुगाड़ किया. जमानत की राशि के लिए वो 25 हजार रुपये का सिक्का लेकर आए और अधिकारियों के टेबल पर रख दिया. सिक्का जमा करने के पीछे उन्होंने तर्क दिया कि बिहार में छोटे सिक्कों पर अघोषित प्रतिबंध है.

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शशि ने बताया कि दुकानदार से लेकर बैंक तक भारतीय मुद्रा को लेने में आनाकानी करते हैं. इससे भारतीय मुद्रा का अपमान होता है. कई जगहों पर एक-एक का सिक्का जमा हो चुका था और आम आदमी काफी परेशान होते दिख रहे थे. इसी कारण उन्होंने लोगों से चंदा करने का काम किया और लोगों ने आशीर्वाद स्वरूप सिक्का प्रदान किया जिसे लेकर वो नामांकन का पर्चा खरीदने पहुंचे.

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नामांकन का पर्चा देने के लिए सिक्का मिलने के बाद अधिकारियों के भी पसीने छूट गए. काफी समय की मशक्कत के बाद वो सिक्कों की गिनती को पूरा कर सके. वो भी भारतीय मुद्रा को लेने से इनकार नहीं कर सकते थे, मजबूरन उन्हें यह पैसा लेना पड़ा.

रिपोर्ट- अभिषेक कुमार
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