अपना शहर चुनें

States

मर्डर या सुसाइड? JDU नेता की संदिग्ध मौत मामले में पूछताछ

जेडीयू नेता की संदिग्ध मौत मामले में नालंदा के नगरनौसा थाने में पूछताछ करती जांच टीम
जेडीयू नेता की संदिग्ध मौत मामले में नालंदा के नगरनौसा थाने में पूछताछ करती जांच टीम

11 जुलाई को नालंदा के नगरनौसा थाना के शौचालय में प्रखंड जदयू महादलित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गणेश रविदास का शव फांसी के फंदे पर लटकता हुआ पाया गया था.

  • Share this:
बिहार के नालंदा में नगनौसा थाना परिसर में जेडीयू नेता की मौत के मामले से अभी भी पर्दा नहीं उठ सका है. मौत के उलझे रहस्य को सुलझाने के लिए बुधवार को जिला प्रशासन की पांच सदस्यीय टीम ने जांच की और पुलिसकर्मियों से पूछताछ की. इसके बाद ये टीम सैदपुरा गांव पहुंची और मृतक जेडीयू नेता के परिजनों एवं ग्रामीणों से भी पूछताछ की.

बता दें कि पुलिस मुख्यालय के आदेश पर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने एक जांच टीम बनाई है. इस टीम में सिविल सर्जन परमानंद चौधरी, एडीएम मोहम्मद नौशाद अहम, हिलसा एसडीओ वैभव चौधरी, समाज कल्याण पदाधिकारी सुशील कुमार सिन्हा और उद्योग केंद्र महाप्रबंधक सत्येंद्र चौधरी शामिल हैं.

11 जुलाई को हुई थी संदिग्ध मौत
गौरतलब है कि 11 जुलाई को नालंदा के नगरनौसा थाना के शौचालय में प्रखंड जदयू महादलित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गणेश रविदास का शव फांसी के फंदे में लटकता हुआ पाया गया था. मामला सामने आने के बाद से ही पुलिस की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है.
मानवाधिकार आयोग ने मंगवाई रिपोर्ट


बता दें कि इसी सिलसिले में सोमवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लेते हुए बिहार के डीजीपी गुप्तेशवर पांडेय को नोटिस भेज कर 6 सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है. एनएचआरसी ने गुप्तेश्वर पांडेय को रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है.

थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मी गिरफ्तार, एक फरार
इससे पहले 12 जुलाई को नालंदा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नगरनौसा थानाध्यक्ष कमलेश कुमार, दारोगा बालेन्द्र राय और चौकीदार संजय पासवान को निलंबित कर गिरफ्तार कर दिया था. जबकि एक अन्य चौकीदार जितेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया, लेकिन वह फरार हो गया.

पुलिस ने मामले पर साधी चुप्पी
दरअसल, नालंदा के नगरनौसा थाने की पुलिस ने सैदपुर गांव के नरेश साव ने 11 जून को स्थानीय थाना में अपनी पुत्री के अपहरण का मामला दर्ज कराया था. इसी मामले में सैदपुर के ही निवासी गणेश रविदास को पूछताछ के लिए थाने में बुलाया था, जहां उसने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी.

इस केस में पुलिस की भूमिका पर सवाल इसलिए उठाए जा रहे हैं कि गणेश इस मामले में अभियुक्त नहीं थे. ऐसे में उन्हें हाजत में भी नहीं रखा गया था. जाहिर है ये मामला इसलिए संदिग्ध दिखता है. जबकि इसी मामले में गांव की ही मंजू देवी की पहले गिरफ्तारी हो चुकी थी.

इनपुट- अभिषेक कुमार

ये भी पढ़ें-


डकैती करने पहुंचे थे डकैत, गांव वालों ने तीनों को पीट-पीट कर मार डाला




सुर्खियां: भ्रष्ट और सुस्त पुलिसकर्मी अब बर्दाश्त नहीं, बेउर जेल ब्रेक की थी साजिश

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज