पतंजलि में नौकरी दिलाने वाले फर्जी गिरोह का भंडाफोड़

ETV Bihar/Jharkhand
Updated: August 12, 2017, 10:13 PM IST
पतंजलि में नौकरी दिलाने वाले फर्जी गिरोह का भंडाफोड़
Photo: ETV/NEWS18
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Updated: August 12, 2017, 10:13 PM IST
बिहार के नालंदा में पुलिस ने पतंजलि में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने गैंग के तीन सदस्यों को बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है. जबकि दो आरोपी भागने में कामयाब रहे. पुलिस ने फरार हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम बना ली है. पुलिस का कहना है कि जल्द भी सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

मिली जानकारी के मुताबिक, पतंजलि में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले लोग बड़े ही शातिर किस्म के हैं. ये गिरोह कई ट्रेन और बसों में पतंजलि में नौकरी का स्टीकर लगाते थे. स्टीकर पर इन लोगों को मोबाइल नंबर होता था. जिस पर संपर्क करने पर गिरोह के सदस्य बेरोजगार युवक, युवतियों को मिलने के लिए बुलाते थे. इसके बाद युवक और युवतियों से एक फर्जी फार्म भरवाकर तीन हजार रुपये सिक्योरिटी के नाम पर जमा करा लेते थे. इसके बाद गिरोह के सदस्य फरार हो जाते थे और अपना नया शिकार खोजने के लिए ठिकाना बदल लेते थे.

डीएसपी निशित प्रिया ने बताया कि इस गैंग में पटना समेत बिहार के दूसरे जिलों के युवक शामिल हैं. इनके द्वारा विभिन्न ट्रेन और बसों में पतंजलि कंपनी में नौकरी दिलवाने का स्टीकर चिपकाया जाता था. स्टीकर में दर्ज टेलीफोन नंबरों पर युवक व युवतियां ठगों से संपर्क करती थी तो उन्हें बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन बुलाया जाता था. इसके बाद ठग उन्हें अपने साथ किसी अज्ञात स्थान पर ले जाते थे जहां उनसे पतंजलि में प्रशिक्षण दिलवाने के नाम पर दो से 3000 वसूलने का काम किया जाता था.

डीएसपी ने बताया कि बेरोजगारों को भरोसे में लेने के लिए गिरोह के सदस्य उन्हें पतंजलि कंपनी में नियुक्ति दिलाने का नियुक्ति पत्र भी मुहैया करा देते थे. जिससे किसी को इनपर शक न हो. ठगी का शिकार युवक प्रमोद कुमार ने इसकी शिकायत दर्ज कराई. जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन के समीप से तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया. जबकि दो लोग भागने में कामयाब हुए. गिरफ्तार हुए युवकों में जमुई के चकाई के डिपेश कुमार, बिहारशरीफ के उपरौरा के संजय कुमार, विकास कुमार शामिल हैं. जबकि दो पटना जिले के है जो भागने में सफल रहे.
First published: August 12, 2017
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