बिहार: विधवा मां को भूख से बचाने के लिए किशोर ने की चोरी, मामला सुनते ही जज हो गए भावुक और दिया यह आदेश

किशोर की कहानी सुन जज ने उसे तत्काल जमानत दे दी. साथ ही पुलिस को आदेश दिया कि वे उसके परिवार के राशन पानी की व्यवस्‍था करें.  (प्रतीकात्मक फोटो)

किशोर की कहानी सुन जज ने उसे तत्काल जमानत दे दी. साथ ही पुलिस को आदेश दिया कि वे उसके परिवार के राशन पानी की व्यवस्‍था करें. (प्रतीकात्मक फोटो)

किशोर ने कोर्ट को बताया कि उसके घर में मानसिक रूप से कमजोर विधवा मां और छोटा भाई है, जिन्हें लॉकडाउन (Lockdown) के कारण कई दिन से भोजन नहीं मिला है. उसने इसलिए चोरी की थी.

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बिहारशरीफ. अदालत ने चोरी के मामले में गिरफ्तार 16 वर्षीय किशोर से चोरी की वजह जानने के बाद न सिर्फ उसे आरोपमुक्त किया, बल्कि पुलिस को निर्देश दिया कि वह किशोर को राशन और कपड़े उपलब्ध कराए. किशोर को चोरी के आरोप में पुलिस ने किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board) के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मानवेंद्र मिश्रा के समक्ष पेश किया था. किशोर से बात करने पर उन्हें पता चला कि उसके घर में मानसिक रूप से कमजोर उसकी विधवा मां और छोटा भाई है, जिन्हें लॉकडाउन (Lockdown) के कारण कई दिन से भोजन नहीं मिला है. उसने इसलिए चोरी की थी.



जज मिश्रा ने जब किशोर से सुना कि उसने अपनी मां और भाई को भूख से बचाने के लिए चोरी की थी, तो वह भावुक हो गए. उन्‍होंने उसे चोरी के आरोप से मुक्त करते हुए प्रशासन को कहा कि वह तुरंत किशोर के परिवार को राशन और कपड़े उपलब्ध कराए. दंडाधिकारी मिश्रा ने 17 अप्रैल को अधिकारियों को लड़के की मजबूरी को समझते हुए उसे आरोप मुक्त किया. जज ने उसके परिवार को सरकारी योजनाओं के तहत आवास, राशन आदि की हर संभव सहायता प्रदान करने तथा पुलिस को चार महीने बाद प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया.



बाजार में लगे सीसीटीवी की मदद से पकड़ा गया था

इस्लामपुर पुलिस के आधिकारिक सूत्रों ने नाबालिग के एक स्थानीय बाजार में खरीदारी करने के दौरान एक महिला का पर्स छीन लेने पर किशोर को बाजार में लगे सीसीटीवी की मदद से पकड़ा था. नाबालिग अपनी मां और भाई के साथ नालंदा जिले के इस्लामपुर थाना अंतर्गत खटोलना बिगहा गांव में एक छोटे से फूस के घर (कच्ची झोपड़ी) में रहता है.
अदालत के निर्देश के बाद इस्लामपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रियदर्शी राजेश किशोर के गांव पहुंचे और उसे सभी सरकारी योजनाओं के साथ परिवार को सक्षम करने के लिए दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करने के अलावा भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं प्रदान की. संडा पंचायत, जिसके अंतर्गत किशोर का गांव आता है, समिति के सदस्य संजय चौधरी ने कहा कि अदालत का यह आदेश न केवल शहर में लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि इसको लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और नाबालिग को अपने में सुधार लाने का मौका देने के लिए अदालत की प्रशंसा कर रहे हैं.





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