गैंगरेप के दोषी किशोरों को सुनायी 3 साल की सजा, एक ने कहा- आगे की पढ़ाई करना चाहता हूं जज साहब

नालंदा कोर्ट

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Nalanda News: बिहार के नालंदा में एक नाबालिग के साथ मनचलों ने गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया था. कोर्ट ने इस मामले का निपटारा करते हुए सजा सुनाई.

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नालन्दा. नालंदा जिले के बिहारशरीफ कोर्ट के किशोर न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी मानवेंद्र मिश्र ने गैंगरेप (Gang Rape) के मामले में दो आरोपी किशोरों को दोषी करार दिया है. उन्होंने किशोर न्याय अधिनियम के तहत अधिकतम तीन-तीन साल की सजा सुनाई (Imprisonment) है साथ ही उन्होंने पॉक्सो कानून (POCSO Act) के तहत भी तीन-तीन साल साल की सजा सुनाई एवं अन्य धारा में एक साल की सजा सुनाई है. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी.

एक आरोपी ने कोर्ट से अपनी पढ़ाई आगे जारी रखने की जतायी इच्छा

दोनों आरोपी किशोर हिलसा थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले हैं. न्यायाधीश मानवेन्द्र मिश्र ने आरोपित एक किशोर को शहर के नालंदा कॉलेज में बीएससी में नामांकन कराने वास्ते सभी जरूरी कदम उठाने का भी निर्देश पर्यवेक्षण गृह के अधीक्षक को दिया है. सुनवाई के दौरान किशोर ने कोर्ट में इंटर साइंस में 70 फीसदी अंक लाने का प्रमाण पत्र सौंपा था. उसने नालंदा कॉलेज से आगे की पढ़ाई जारी रखने की इच्छा जताई थी.

दस महीने पूर्व की है घटना
बताया जाता है कि सहायक अभियोजन पदाधिकारी जयप्रकाश ने अभियोजन पक्ष रखा और मामले में दलीलें पेश की. कोर्ट के इस फैसले पर किशोर न्याय परिषद के सदस्य धर्मेंद्र कुमार और उषा कुमारी ने भी सहमति दी. एपीओ जयप्रकाश ने बताया कि मई 2020 में 15 वर्षीया पीड़िता शौच के लिए घर से निकली थी जहां पहले से घात लगाए दोनों किशोर के अलावा एक अन्य ने छुरा दिखाकर नाबालिग पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. बाद में बेहोशी की हालत में पीड़िता को छोड़कर भाग गये.

घटना के समय दोनो आरोपी थे नाबालिग

एपीओ जयप्रकाश ने बताया कि घटना के समय दोनों आरोपित की उम्र 16 वर्ष से कम थी, लिहाजा मामले की सुनवाई किशोर न्याय परिषद में हुई, जहां किशोर न्याय अधिनियम के तहत किसी भी संगीन मामले में अधिकतम तीन साल तक की सजा सुनाए जाने का प्रावधान है
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