ठेले पर शव ले जाने का मामला: स्वास्थ्य निरीक्षक सस्पेंड, वार्ड पार्षद समेत 6 लोगों पर FIR

कोरोना संक्रमण के चलते मृत मरीज के शव को ठेले पर ले जाने की यह अमानवीय घटना बिहारशरीफ के वार्ड संख्या 8 की थी

नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर ने निर्देशों के मुताबिक बिहारशरीफ के वार्ड संख्या 8 के वार्ड पार्षद संजय कुमार पर आपदा कानून के सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया. साथ ही स्वास्थ्य निरीक्षक परमानंद प्रसाद को नगर निगम का कार्य सुचारू ढंग से नहीं करने के परिणामस्वरूप निलंबित कर दिया गया है

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नालंदा. कोरोना काल में बिहार (Bihar) के नालंदा जिले के बिहार शरीफ में संक्रमण से मृत मरीज के शव को ठेले पर ले जाने की तस्वीर सामने आने पर सरकार और प्रशासन की फजीहत हो रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के गृह जिले में हुई इस घटना को लेकर राजनीति शुरू हो गई है. दरअसल पिछले दिनों कोरोना से मृत व्यक्ति का शव (Corona Death) ठेले पर ले जाने और उसके अंतिम संस्कार (Last Rites) के लिए पैसे मांगने का मामला सामने आया था. यह अमानवीय घटना बिहारशरीफ (Bihar Sharif) के वार्ड संख्या 8 की थी. अखबारों में इसकी तस्वीर सामने आने के बाद नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर ने तत्काल बिहारशरीफ के नगर आयुक्त और जिलाधिकारी (डीएम) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी.

मंगलवार को उन्होंने इस मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए दोषियों पर आपदा प्रबंधन कानून के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज करने के निर्देश जारी किये. आनंद किशोर ने निर्देशों के मुताबिक वार्ड संख्या 8 के वार्ड पार्षद संजय कुमार पर आपदा कानून के सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया. साथ ही स्वास्थ्य निरीक्षक परमानंद प्रसाद को नगर निगम का कार्य सुचारू ढंग से नहीं करने के परिणामस्वरूप निलंबित कर दिया गया है. इस घटना में शामिल चार सफाइकर्मियों के खिलाफ भी आपदा प्रबंधन कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किये गए हैं.

कोरोना संक्रमण से मौत होने पर निःशुल्क अंतिम संस्कार के निर्देश
नगर विकास विभाग द्वारा बिहार भर में कोरोना वायरस से मरीजों की मौत होने पर विधुत शवदाह गृह में शव का निःशुल्क अंतिम संस्कार करने के निर्देश जारी किये गए हैं. प्रधान सचिव ने लोगों से अपील की है कि यदि ऐसे किसी भी मामले में कोई सरकारी व्यक्ति के द्वारा इसके लिए अगर किसी भी प्रकार की राशि की मांग की जाती है तो तत्काल संबंधित जिले के जिला पदाधिकारी अथवा नगर निकाय के नगर आयुक्त या कार्यपालक पदाधिकारी से इसकी शिकायत करें. यदि किसी भी गैर-सरकारी व्यक्ति द्वारा ऐसे शवों के दाह-संस्कार हेतु यदि किसी प्रकार की राशि की मांग की जाती है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराएं और इसकी सूचना जिला पदाधिकारी को दें.