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राजगीर में आज विश्व शांति स्तूप के 50वें वार्षिकोत्सव की शुरुआत करेंगे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

News18 Bihar
Updated: October 25, 2019, 10:55 AM IST
राजगीर में आज विश्व शांति स्तूप के 50वें वार्षिकोत्सव की शुरुआत करेंगे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
विश्वशांति स्तूप राजगीर का 50वां वार्षिकोत्सव आज से

विश्व शांति स्तूप की आधारशिला तत्कालीन राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने 6 मार्च 1965 को रखी थी. इसके बाद 25 अक्टूबर 1969 को तत्कालीन राष्ट्रपति वीवी गिरी ने इसका उद्घाटन किया था.

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नालंदा. विश्व शांति स्तूप के 50वें वार्षिकोत्सव समारोह का आज यानी शुक्रवार से आगाज होने जा रहा है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) इसकी विधिवत शुरुआत करेंगे. मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे राष्ट्रपति भगवान बुद्ध (Lord Buddha) की पूजा-अर्चना करेंगे. जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम में 13 देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. इस बीच समारोह को लेकर दो दिन पूर्व से ही बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षुओं का राजगीर आने का सिलसिला जारी है. वहीं, राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पूरे राजगीर (Rajgir) में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गयी है.

कार्यक्रम को लेकर तीन घेरे में सुरक्षाकर्मियों को लगाया गया है. कार्यक्रम को सफल बनाने और सुरक्षा में कोई चूक ना हो इसके लिए जिले के अलावा अन्य जिले से पुलिसकर्मियों को और अधिकारियों को लगाया गया है.


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समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अतिरिक्त बिहार के राज्यपाल फागु चौहान, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के अलावा पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि भी शामिल होंगे.

वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में 13 देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे


बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शुक्रवार को दिन में दिल्ली से सीधे पटना एयरपोर्ट पहुंचेगे जहां से हेलिकॉप्टर से वो राजगीर में आयोजित समारोह में भाग लेने के लिए रवाना हो जाएंगे. राजगीर के विपुलागिरी पर्वत पर राष्ट्रपति को उतरने के लिए हैलीपैड बनाया गया है. राष्ट्रपति मुख्य समारोह स्थल पर पहुंचकर भगवान बुद्ध की पूजा-अर्चना करने के बाद बापस पटना के रास्ते दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे.

वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में 13 देशों के बौद्ध भिक्षु हो रहे हैं शामिल

इस कार्यक्रम में भारत के अलावा भूटान, जापान, थाईलैंड, श्रीलंका, समेत 13 देशों के बौद्ध भिक्षु शामिल हो रहे हैं. बता दें कि विश्व शांति स्तूप की आधारशिला तत्कालीन राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने 6 मार्च, 1965 को रखी थी. इसके बाद 25 अक्टूबर, 1969 को तत्कालीन राष्ट्रपति वीवी गिरी ने इसका उद्घाटन किया था.

विश्व शांति स्तूप के 50वें वर्षगाठ को लेकर इस बार शांति स्तूप पर पेयजल, लाइट, सौंन्दर्यीकरण, सीढ़ी का निर्माण, नए आठ सीटर वाले रोपवे का निर्माण कराया जा रहा है और कुछ पर अभी काम जारी है. विश्व शांति स्तूप के प्रबंधक और पुजारी जापानी बाबा के नाम से प्रसिद्ध टीओकोनेगी ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विश्व शांति स्तूप के वर्षगाठ पूरे हर्षोलास के साथ मनाया जाएगा.

इस वार्षिकोत्सव को यादगार बनाने के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी राजगीर कन्वेंशन सेंटर में किया जा रहा है. इसमें 24 से 30 अक्टूबर के बीच भगवान बुद्ध और विश्व शांति स्तूप के संस्थापक निचिदात्सो फूजी गुरुजी के जीवनी पर आधारित बायोपिक डाक्यूमेंट्री प्रदर्शित की जाएगी.

इस कार्यक्रम के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई हैं


वार्षिकोत्सव कार्यक्रम के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी

वहीं, इन पर आधारित फोटो और पेंटिंग्स की भी प्रदर्शनी अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर के आर्ट गैलरी में लगाई गई है. जबकि मुख्य कार्यक्रम के दिन 25 अक्टूबर की शाम तीन बजे से बुद्ध और फूजी गुरुजी विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा. इसमें विभिन्न देशों के दिग्गज बौद्ध प्रतिनिधि और स्कॉलर अपनी बात कहेंगे.

इसके बाद शाम पांच बजे से सात बजे तक नृत्य और नाटक के साथ माहौल सांस्कृतिक संध्या से सराबोर रहेगा. इसमें बुद्ध के जीवन पर नई दिल्ली गणेश नाट्यालय द्वारा यशोधरा नामक नृत्य नाटिका की भव्य प्रस्तुति की जाएगी. जबकि पटना के किलकारी के कलाकार भी दयालु सिद्धार्थ पर एक नाटक की प्रस्तुति देंगे.

(रिपोर्ट- अभिषेक कुमार)

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First published: October 25, 2019, 8:04 AM IST
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