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निजी स्कूल मनमाने तरीके से कर रहे फीस वसूली, CM नीतीश के जिले से फूटा विरोध का सुर

बिहारशरीफ के अस्पताल मोड़ पर एकदिवसीय धरने पर बैठे अभिभावक.
बिहारशरीफ के अस्पताल मोड़ पर एकदिवसीय धरने पर बैठे अभिभावक.

अभिभावकों का कहना है कि लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान जब तक स्कूल बंद रहा, उसकी फीस न वसूली जाए. अन्यथा बाध्य होकर निजी स्कूलों के खिलाफ गांव से शहर तक बंद कराने का भी काम करेंगे.

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नालंदा. खबर बिहार (Bihar) के नालंदा जिले (Nalanda District) से आ रही है. जहां लगातार निजी स्कूलों (Private schools) द्वारा बच्चों के अभिभावकों से फीस वसूली के नाम पर की जा रही मनमानी से आक्रोशित होकर आज जिले के कई अभिभावकों ने बिहारशरीफ (Biharsharif) के अस्पताल मोड़ पर एकदिवसीय धरना दिया. एकदिवसीय धरना का नेतृत्व कर रहे अभिभावक भोसु भाई यादव ने कहा कि अगर जिला प्रशासन (District Administration), शिक्षा विभाग (Education Department), निजी स्कूल संचालक होश में नहीं आए और फीस वसूली अविलंब बंद नहीं की गई तो हमलोग सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के साथ-साथ शहर को बंद कराने की भी काम करेंगे.

अभिभावकों को प्रताड़ित करना करें बंद

अभिभावक भोसु यादव ने कहा कि बच्चों के अभिभावकों को निजी स्कूल प्रताड़ित करना बंद करें. लॉकडाउन के दौरान जब तक स्कूल बंद रहा, उसकी फीस अभिभावकों से न लें. अन्यथा बाध्य होकर निजी स्कूलों के खिलाफ गांव से शहर तक बंद कराने का भी काम करेंगे और इसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग व निजी स्कूल संचालकों की होगी.



निजी स्कूलों के खिलाफ एकजुट हुए सभी दल
इधर निजी स्कूलों की मनमानी से तंग आकर व सरकार द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं होते देख जिले के सभी दल के कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए बैठक की. इस दौरान भाजपा नगरमंत्री शैलेंद्र कुमार ने कहां कि जिले में जिस प्रकार निजी स्कूल संचालक बच्चों के अभिभावकों को फोन कर, मेसेज कर और घर पर बिल भेज रहे हैं, उससे यह साबित हो रहा है कि निजी स्कूलवाले किस कदर सरकार के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं और खुद को काफी होशियार समझ रहे हैं.

स्कूल खुला भी नहीं सभी चार्ज जोड़कर भेजा जा रहा है बिल

इधर युवा शक्ति के प्रिंस पटेल ने कहा कि निजी स्कूल की मनमानी के खिलाफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी पत्र लिखकर अवगत करा दिया है. इस मामले में शिक्षा विभाग से अविलंब कार्रवाई करने की मांग की है. उन्हें कहा कि लॉकडाउन से अभी तक स्कूल खुला नहीं, लेकिन स्कूल संचालक द्वारा लगातार मिसलेनियस चार्ज, वाहन चार्ज, बिजली चार्ज, लाइब्रेरी चार्ज समेत अन्य चार्ज जोड़कर बिल भेजा जा रहा है. इतना ही नहीं स्कूल से ही कॉपी, किताब समेत अन्य सामान खरीदने का लगातार दबाव बनाया जा रहा है. इससे बच्चों के अभिभावक असमंजस में रहने के साथ-साथ मानसिक रूप से प्रताड़ित भी हो रहे हैं. इधर इस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि सरकार का दिशा-निर्देश मिलते ही कार्रवाई की जाएगी.
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