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बिहार: इस शहर में फर्जी सिग्नेचर पर चलता है पूरा ऑफिस! कार्यपालक पदाधिकारी ने जांच के लिए लिखा लेटर

News18 Bihar
Updated: November 23, 2019, 3:20 PM IST
बिहार: इस शहर में फर्जी सिग्नेचर पर चलता है पूरा ऑफिस! कार्यपालक पदाधिकारी ने जांच के लिए लिखा लेटर
नालंदा के सिलाव नगर पंचायत में बड़े फर्जीवाड़े को लेकर कार्यपालक पदाथिकारी डॉ किशोर कुणाल ने नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को चिट्ठी लिखी है

डॉ किशोर कुणाल ने यह भी बताया कि जब उन्होंने इस फर्जीवाड़े का उजागर किया तो मुख्य पार्षद प्रियंका कुमारी और उनके परिजनों ने उन्हें धमकी दी और इस जांच को वापस लेने के लिए कहा. उन्होंने यह भी धमकी दी की अगर जांच वापस नहीं ली गई तो अंजाम बुरा होगा.

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नालंदा. यहां फर्जी बहाली के साथ ही फर्जी हस्ताक्षर (Fake signature) पर पूरा कार्यालय चलाने का एक मामला सामने आया है. आरोप है कि सिलाव के नगर पंचायत (Silaw nagar panchayat) में अधिकांश लोगों की बहाली फर्जी तरीके से की गई है और राशि गबन भी की जा रही है. आरोप यह भी है कि बजट रजिस्टर समेत अन्य रजिस्टरों पर मुख्य पार्षद का हस्ताक्षर भी फर्जी है. इस पूरे फर्जीवाड़े को उजागर करने पर कार्यपालक पदाधिकारी डॉ किशोर कुणाल (Executive officer Dr Kishor kunal) को जान से मारने व जांच को वापस लेने की भी धमकी भी दी जा रही है. इस मामले को लेकर उन्होंने सिलाव थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज करवाई है.

आरोप के अनुसार सिलाव नगर पंचायत में  पम्प ऑपरेटर, रात्रि प्रहरी, समेत अन्य कर्मियों की बहाली फर्जी तरीके से कर ली गई है. आरोप यह भी है कि मुख्य पार्षद प्रिंयका कुमारी का फर्जी हस्ताक्षर कर बजट बनाया गया है और अन्य फाइलों पर भी उनके फर्जी हस्ताक्षर हैं. यह यहां उपलब्ध फाइलों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है. इधर कार्यपालक पदाधिकारी डॉ किशोर कुणाल ने पूरे मामले की जांच के लिए नगर आवास विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर जांच की मांग की है.

जांच के बाद कई लोगों पर गिर सकती है गाज
कार्यपालक पदाधिकारी डॉ किशोर कुणाल ने बताया कि सिलाव नगर पंचायत में कई ऐसे पंप ऑपरेटर व रात्रि प्रहरी हैं जिनकी विभाग में बिना वैकेंसी, बिना अधिकारियों के अनुमोदन के ही बहाली कर ली गई है. इसके साथ ही फाइलों के साथ छेड़छाड़ करने के साथ-साथ मुख्य पार्षद प्रियंका कुमारी के नाम पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा बजट रजिस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर किया गया है. उन्होंने कहा कि अगर पूरे मामले की गंभीरता से जांच हुई तो यहां इस तरह के फर्जीवाड़े के एक बड़े रैकेट का खुलासा किया जा सकता है.

कार्यपालक पदाधिकारी ने जांच के लिए नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव को चिट्ठी लिखी है.


कार्यपालक पदाधिकारी को मिली धमकी
डॉ किशोर कुणाल ने यह भी बताया कि जब उन्होंने इस फर्जीवाड़े का उजागर किया तो मुख्य पार्षद प्रियंका कुमारी और उनके परिजनों ने उन्हें धमकी दी और इस जांच को वापस लेने के लिए कहा. उन्होंने यह भी धमकी दी की अगर जांच वापस नहीं ली गई तो अंजाम बुरा होगा. जिसके बाद डॉ कुणाल ने सिलाव थाना में लिखित शिकायत दर्ज करवाई है.
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मुख्य पार्षद ने आरोपों से किया इनकार, जांच को हैं तैयार
वहीं, मुख्य पार्षद प्रियंका कुमारी का कहना है कि बजट पंजी कोई फर्जी हस्ताक्षर कर नहीं बनाई गई है और ना ही कोई बहाली की गई है. अगर उन्हें जांच करवानी है तो तो करवा सकते हैं. हम पर जो भी आरोप लगाया जा रहा है वह गलत और बेबुनियाद है.

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First published: November 22, 2019, 12:02 PM IST
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