Hisua Election Result Live: कांग्रेस की नीतू कुमारी ने दर्ज की जीत, बीजेपी के अनिल सिंह को 17,091 वोट से हराया

Hisua Chunav Result: अनिल सिंह चार बार से हिसुआ से विधायक रह चुके हैं
Hisua Chunav Result: अनिल सिंह चार बार से हिसुआ से विधायक रह चुके हैं

Hisua Bihar Vidhan Sabha Chunav Result 2020 Live: कांग्रेस की नीतू कुमारी ने जीत दर्ज करते हुए बीजेपी के अनिल सिंह को 17,091 वोट से हरा दिया. नीतू कुमारी को 94930 वोट मिले वहीं अनिल सिंह को 77839 मिले हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 11, 2020, 1:20 AM IST
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विधानसभा क्षेत्र-हिसुआ
कुल जनसंख्या: 636319
कुल मतदाता : 369188
पुरुष मतदाता : 192016
महिला मतदाता : 177154
थर्ड जेंडर : 18




नवादा (Nawada) की हिसूआ विधानसभा सीट (Hisua Vidhan Sabha constituency) पर मुकाबला टक्कर का रहा. कांग्रेस की नीतू कुमारी ने जीत दर्ज करते हुए बीजेपी के अनिल सिंह को 17,091 वोट से हरा दिया. नीतू कुमारी को 94930 वोट मिले वहीं अनिल सिंह को 77839 मिले हैं.

अपना किला बचाने की चुनौती
हिसुआ विधानसभा क्षेत्र, जहां की आबादी छह लाख से अधिक है.यहां सवर्ण वोट निर्णायक हैं. आजादी के बाद से ही एक खास जाति को यहां की जनता का आशीर्वाद मिलता रहा है. यही कारण है कि 1980 से लेकर 2005 तक आदित्य सिंह यहां से लगातार छह बार विधायक चुने गए.वह एक बार मंत्री भी बने, लेकिन 2005 के विधानसभा चुनाव में उनके गढ़ में भाजपा के अनिल सिंह ने पहली बार कमल खिलाया. वह यहां से तीन बार चुनाव जीते. मौजूदा विधायक हैं, अब उनके सामने चौथी बार अपना किला बचाने की चुनौती है.

ये है चुनावी इतिहास
हिसुआ विधानसभा क्षेत्र से 1957 और 1962 में कांग्रेस के टिकट पर राजकुमारी देवी चुनाव जीतीं. 1967 से 1972 तक लगातार तीन बार कांग्रेस से ही शत्रुघ्न शरण सिंह ने बाजी मारी. 1967 में उन्होंने सीपीआई के एल एन सिंह को 25 हजार और 1969 में 17 हजार वोट से हराया. 1972 के चुनाव में शत्रुध्न शरण सिंह फिर जीते, लेकिन इस बार हार जीत का अंतर काफी कम रहा.शत्रुघ्न शरण सिंह को 21782 वोट मिले, जबकि दूसरे नंबर पर रहने वाले मथुरा प्रसाद सिंह को 19738 वोट मिले. 1977 में हिसुआ की राजनीति में आदित्य सिंह की एंट्री हुई. इस चुनाव में उन्हें मात्र 243 वोटों से हार का सामना करना पड़ा. उन्हें हराने वाले जेएनपी से बाबू लाल सिंह को 17545 वोट मिले. इसके बाद 1980 से लेकर 2005 तक आदित्य सिंह लगातार यहां से विधायक चुने गए. उन्होंने 1980, 1985, 1990 और 1995 में सीपीआई के लाल नरायण सिंह को करारी मात दी. 2000 में आदित्य सिंह ने सीपीएम के गणेश शंकर विद्यार्थी को चार हजार वोटों से पटखनी दी. फरवरी 2005 के चुनाव में वह फिर जीते, लेकिन अक्टूबर 2005 में हुए चुनाव में उनकी जीत का पहिया रुक गया.

25 साल बाद 2005 में ढहा आदित्य का किला
हिसुआ की राजनीति ने उस समय करवट ली, जब अक्टूबर 2005 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से अनिल सिंह की एंट्री हुई. उन्होंने 25 साल से लगातार जीत रहे आदित्य सिंह के किले को ढहा दिया. इस चुनाव में अनिल सिंह को 43276 वोट मिले. उन्होंने आदित्य सिंह को 16 हजार वोट से करारी मात दी. उनकी जीत और आदित्य सिंह की हार ने उस वक्त के कई राजनीतिक समीक्षकों को चौंका दिया था. 2010 में अनिल सिंह ने लोजपा के अनिल मेहता को चार हजार वोटों से हराया. 2015 में जदयू के कौशल यादव से 12 हजार वोट ज्यादा पाकर वह लगातार तीसरी बार विधायक बने.

नवादा से लेकर पटना तक कई दिग्गजों की नजर
हिसुआ विधानसभा सीट पर नवादा से लेकर पटना तक कई दिग्गजों की नजर है. एनडीए में यह सीट भाजपा के पास रहेगी, ऐसा तय माना जा रहा था. वहीं महागठबंधन में यह सीट किस दल के खाते में जाएगी और कौन उम्मीदवार होगा, इस पर अटकलें चलती रहीं. चर्चा है कि यह सीट कांग्रेस के ही खाते में जाएगी. यही कारण कि कांग्रेस से 30 से ज्यादा उम्मीदवारों ने इस सीट पर अपनी दावेदारी ठोकी. हालांकि चार से पांच प्रत्याशी ही टिकट की दौड़ में सबसे आगे रहे. ये लड़ाके अंदरखाने अपना समीकरण बैठाने में लगे रहे. वहीं राजद और जदयू खेमा भी इस सीट को पाने के लिए सक्रिय रहा.

अब तक चुने गए जनप्रतिनिधि
2015 : अनिल सिंह, भाजपा
2010 : अनिल सिंह, भाजपा
2005 : (अक्टूबर) अनिल सिंह, भाजपा
2005 : (फरवरी) आदित्य सिंह, कांग्रेस
2000 : आदित्य सिंह, निर्दलीय
1995 : आदित्य सिंह, कांग्रेस
1990 : आदित्य सिंह, कांग्रेस
1985 : आदित्य सिंह, निर्दलीय
1980 : आदित्य सिंह, निर्दलीय
1977 : बाबू लाल सिंह, जनता पार्टी
1972 : शत्रुघ्न शरण सिंह, कांग्रेस
1969 : शत्रुघ्न शरण सिंह, कांग्रेस
1967 : शत्रुघ्न शरण सिंह, कांग्रेस
1962 : राजकुमारी देवी, कांग्रेस
1957 : राजकुमारी देवी, कांग्रेस
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