PM मोदी के 'मन की बात' से प्रेरणा लेकर ऑटो मैकेनिक ने 'दुश्मन' टिड्डियों को भगाने वाले यंत्र का किया अविष्कार
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PM मोदी के 'मन की बात' से प्रेरणा लेकर ऑटो मैकेनिक ने 'दुश्मन' टिड्डियों को भगाने वाले यंत्र का किया अविष्कार
ऑटो मैकेनिक अवधेश ने कबाड़ से जुगाड़ करते हुए इस अनोखे यंत्र का आविष्कार किया है

ऑटो मैकेनिक अवधेश ने अपने इस यंत्र को टिड्डी रक्षक, फसल रक्षक नाम दिया है. टिड्डियों के बढ़ते आतंक (Locust Attack) को देखते हुए इन्होंने कबाड़ से जुगाड़ के तहत इस यंत्र का अविष्कार किया है. उनका दावा है कि इस यंत्र से टिड्डियां सौ प्रतिशत खेतों से भाग जाएंगी

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नवादा. देश का एक बड़ा हिस्सा इन दिनों टिड्डियों (Locust Attack) से परेशान है. इनके आतंक का सबसे बुरा प्रभाव देश के किसानों पर पड़ा है. इनके कहर से बचने का सबसे आसान और कारगार तरीका जोर से आवाज करना है. बिहार (Bihar) के नवादा (Nawada) के ऑटो मेकैनिक जुम्मन उर्फ अवधेश कुमार ने ऐसे ही जोरदार आवाज करने वाले जुगाड़ यंत्र का आविष्कार किया है.

नवादा के रामननगर मोहल्ले के रहने वाले जुम्मन मिस्त्री उर्फ अवधेश कुमार पेशे से ऑटो मेकैनिक हैं. मगर समय-समय पर अनोखे अविष्कार करना इनकी एक पहचान बन गई है. अक्सर यह माहौल के अनुसार जुगाड़ तंत्र का इस्तेमाल कर कुछ न कुछ ईजाद करते रहते हैं. चाहे वो ऑटो स्विच ऑफ पानी टंकी अलार्म हो, रेलवे के ऑटोमैटिक फाटक का खुलना और बंद होना हो. या पुलिस और पत्रकारों के लिए लाभप्रद कोरोना हेलमेट हो. सभी का आविस्कार इन्होंने आवश्यकता पड़ने पर किया है. इसी कड़ी में अब अवधेश ने एक और यंत्र का आविष्कार किया है जिसका उन्होंने नाम दिया है- टिड्डी रक्षक, फसल रक्षक. टिड्डियों के बढ़ते आतंक को देखते हुए इन्होंने इस यंत्र का अविष्कार किया है जो टिड्डियों को खेत से भगाने का कार्य करेगा. अवधेश का दावा है कि इस यंत्र से टिड्डियां सौ प्रतिशत खेतों से भाग जाएंगी.

बेहद कम समय मे कबाड़ के सामानों से बनाया यंत्र
उन्होंने बताया कि इस यंत्र को इन्होंने 15 से 20 दिन की मेहनत से तैयार किया है. इसमें इन्होंने एक फ्यूल कम्प्रेशन बॉक्स, स्पार्क प्लग, बैट्री, पेट्रोल टैंक, लाउडस्पीकर, टोन रिले समेत बेहद आसानी से मिलने वाले सामानों का इस्तेमाल किया है. इस यंत्र का मुख्य कार्य तेज ध्वनि उत्पन्न करना है, जो फ्यूल कंप्रेसर बॉक्स के जरिए किया गया है. इस फ्यूल कंप्रेसर बॉक्स में सिंगल बैरल सिलिंडर लगा हुआ है जिसमें कुल तीन होल (छेद) किए गए हैं. पहले होल में ईंधन और हवा का मिश्रण जाता है, दूसरे में उस मिश्रण को जलाने के लिए स्पार्क प्लग का इस्तेमाल किया जाता है. जबकि तीसरे होल से उस मिश्रित ईंधन का धुआं बाहर निकलता है और जोरदार आवाज पैदा करता है. लाउडस्पीकर निकलने वाली उस आवाज को दूर तक पहुंचाने का कार्य करता है. एक लीटर पेट्रोल में यह यंत्र लगभग तीन घंटे तक काम करता है.
अन्य जानवरों को भी भगाने में कारगर होगा ये यंत्र


अवधेश ने बताया कि फिलहाल उन्होंने टिड्डियों के भगाने के लिए इसका निर्माण किया है. मगर अलग अलग टोन रिले का इस्तेमाल कर यह यंत्र अलग-अलग जंगली जीवों को भगाने में मददगार साबित होगी. अलग-अलग टोन से आवाज उत्पन्न कर इससे नीलगाय, जंगली सुअर, हाथी और अन्य जंगली जानवरों को भी भगाने का काम किया जा सकता है. इसे बनाने में इन्होंने कबाड़ का इस्तेमाल किया है. हालांकि इनके अनुसार अगर सभी सामानों को बाजार से खरीद कर बनाया जाए तो इस पर 10 से 12 हजार की लागत आएगी.

प्रधानमंत्री के 'मन की बात' से यंत्र बनाने की मिली प्रेरणा
कहावत है कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननि होती है. अवधेश ने आवश्यकता पड़ने पर कई प्रकार के आविष्कार किए हैं. इस बार भी ऐसी ही परिस्थितियों के लिए इन्होंने इस अनोखे यंत्र का निर्माण किया. मगर इस बार इन्होंने प्रधानमंत्री के आह्वान पर इसे बनाने का मन बनाया. अवधेन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में टिड्डियों के आतंक से लड़ने की बात कही थी. खास कर स्वावलंबन (आत्मनिर्भरता) की बात को गंभीरता से लेते हुए अवधेश ने इसका निर्माण कर डाला. अब इनकी ख्वाहिश है कि इस यंत्र का ज्यादा से ज्यादा विस्तार हो ताकि किसान खेतों में टिड्डियों से अपने फसलों की रक्षा कर सकें.
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