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नवादा: बच्चा चोर समझ 'अंधी भीड़' ने वृद्ध को पीट पीटकर मार डाला, रास्ता भूल गई थी महिला

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. (सांकेतिक तस्वीर)

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. (सांकेतिक तस्वीर)

रास्ता भूल दूसरे गांव पहुंच गई महिला चीख-चीखकर भीड़ (Mob) को बताने की कोशिश करती रही कि वह बच्चा चोर नहीं है, लेकिन लोगों ने एक नहीं सुनी और उसकी पीट-पीटकर हत्या (Murder) कर दी.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 12, 2020, 12:49 PM IST
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नवादा. सिरदला थाना क्षेत्र के अंगरा गांव की एक 55 वर्षीय  वृद्ध महिला शांति देवी को बच्चा चोर के संदेह में भीड़ ने मार डाला. बेदम होने तक पिटाई के बाद ईंट, पत्थर व लात घूसों से वृद्ध महिला की हत्या (Killing old woman) कर दी गयी. इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल (Viral on social media) हो रहा है. इसमें स्पष्ट दिखता है कि किस प्रकार से भीड़ ने बेरहमी से महिला को मार डाला.  मृतक की पुत्री नीलू देवी  के अनुसार उनकी मां शांति देवी शुक्रवार की सुबह महिला सीमाई फतेहपुर थाना क्षेत्र के नगमा बाजार गयी हुई थी. बाजार से लौटने के क्रम में वह नवादा जिला के मेसकौर ओपी अंतर्गत मजरा गांव पहुंच गयी. नया चेहरा देख इलाके के लोग उससे पूछताछ करने लगे. जगह को वो सही से पहचान नहीं सकी और लोग उसे बच्चा चोर समझ पीटने लगे. अंधी भीड़ ने पीटते-पीटते उसे बुरी तरह से जख्मी कर दिया. सूचना मिलने के बाद घटनास्थल से बुरी तरह जख्मी वृद्धा को सिरदला पीएचसी में भर्ती किया गया जहां इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गयी.

वृद्धा की मौत के बाद परिजनों द्वारा सिरदला थाना लाया गया. जहां पीड़ित परिजनों ने बताया कि भीड़तंत्र का शिकार महिला सिरदला थाना क्षेत्र के सांढ़ पंचायत के अंगरा गांव की रहने वाली है. घटनास्थल सीमाई फतेहपुर थाना क्षेत्र में होने पर सिरदला पुलिस ने पीड़ित परिजनों और भीडतंत्र की शिकार महिला की लाश को सिरदला पीएचसी के एम्बुलेंस से फतेहपुर थाना भेज दिया है.

सिरदला पुलिस इस पूरे मामले से अपना पाला छुड़ाते हुए शव को फतेहपुर थाना भेज दी जहां गया जिला की फतेहपुर पुलिस ने मामले के अनुसंधान में यह पता लगाया कि थानाक्षेत्र नवादा का मजरा गांव था. फतेहपुर पुलिस ने फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टेम के लिए भेज दिया है. मगर फिर भी आज सवाल उठता है कि आखिर भीड़ तंत्र को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत कौन देता है?
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