Coronavirus से लड़ने के लिए आगे आए नवादा के प्राइवेट डॉक्टर, सरकारी हॉस्पिटल में दे रहे सेवाएं

गजराराजा मेडिकल कॉलेज के पीआरओ डॉ. केपी रंजन ने बताया कि कि उनके पास पर्याप्त स्टॉफ है, इन डॉक्टरों की भर्ती इमरजेंसी के लिहाज से की गई थी.  (प्रतीकात्मक तस्वीर)
गजराराजा मेडिकल कॉलेज के पीआरओ डॉ. केपी रंजन ने बताया कि कि उनके पास पर्याप्त स्टॉफ है, इन डॉक्टरों की भर्ती इमरजेंसी के लिहाज से की गई थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कोरोना महामारी से लड़ने के लिए नवादा में प्राइवेट डॉक्टर सरकार अस्पताल में हर रोज अपनी 8—8 घंटे सेवाएं दे रहे हैं. अभी चार प्राइवेट डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

  • Share this:
नवादा. पूरा संसार इस वक़्त कोरोना महामारी (Corona Epdemic) से परेशानी में है. आपदा की इस घड़ी में हर तरफ से लोग मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं. स्वास्थ्यकर्मी, पुलिस, समाजसेवी या मीडियाकर्मी सभी इस अभियान का हिस्सा बन गए हैं. ऐसी ही आपदा की घड़ी में नवादा आईएमए (IMA) सरकार मदद के लिए आगे आया है. कोरोना महामारी से लड़ने के लिए नवादा में प्राइवेट डॉक्टर सरकार अस्पताल में हर रोज अपनी 8-8 घंटे सेवाएं दे रहे हैं. अभी चार प्राइवेट डॉक्टर (Private Doctors) अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

जिला प्रसाशन के अनुरोध पर आगे आया आईएमए

डॉक्टर्स एसोसिएशन यानी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की टीम सेवा भाव से लोगों को अपनी सेवाएं दे रहे हैं. नवादा आईएमए के जिला सचिव डॉ शम्भुक ने बताया कि नवादा में जिला प्रसाशन ने संघ से यह आह्वान किया था कि आपदा की इस घड़ी में वो आगे आकर अपनी सेवाएं दें. उसी का नतीजा है कि आज सदर अस्पताल में कुल चार निजी डॉक्टर आरआरटी (रैपिड रिस्पांस टीम) में अपनी सेवाएं रोस्टर के आधार पर हर आठ-आठ घंटे के आधार पर ड्यूटी कर रहे हैं. उन सभी डॉक्टरों का रोस्टर तैयार कर उन्हें अपने-अपने स्थानों पर तैनात कर दिया गया है. आईएमए से आये डॉक्टर रोजाना सदर अस्पताल पहुंच अपनी सेवाएं दे रहे हैं.



निजी क्लिनिक के  4 डॉक्टर दे रहे है अपनी सेवाएं
आमतौर पर आईएमए में सरकारी एवं निजी संस्था दोनों के डॉक्टर मेंबर होते हैं. सरकारी ड्यूटी में लगे डॉक्टर तो अनिवार्य सेवा दे ही रहे हैं. मगर निजी क्लिनिक के डॉक्टर भी इस मुसीबत की घड़ी में सरकार का मदद कर रहे हैं, ये बड़ी बात है.आज आरआरटी में तैनात डॉ. तरुण शरण ने कहा कि उन्हें जैसे ही आरआरटी में फोन आता है तो वे टीम के साथ उस इलाके के लिए निकल जाते हैं और लोगों को अपनी सेवा देते हैं. आरआरटी में तैनात सरकारी डॉक्टर इरशाद ने बताया कि डॉक्टर्स के आने से उनका भार थोड़ा घटा है. पहले वो अकेले फील्ड में जाते थे, मगर अब उनके आ जाने से काम मे बहुत मदद मिली है.

और भी डॉक्टरों को जोड़ने का किया जा रहा कार्य

डॉ. शम्भुक ने बताया कि अबतक कुल 4 डॉक्टर को सदर अस्पताल जॉइन कराया गया है।जिसमें एमबीबीएस और डेंटल डॉक्टर को इस सेवा से जोड़ा गया है. इस वक़्त रोटेशन के आधार पर डॉ. तरुण शरण, डॉ. निकेश, डॉ. उपेंद्र एवं डॉ. सनिष अपनी सेवाएं दे रहे है. संघ का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में डॉक्टरों को अस्पताल बुलाकर इस महामारी से लड़ना है. संघ इस महामारी से लड़ने के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर 24 घंटे अपनी सेवाएं मानव कल्याण के लिए देते रहेंगे.

ये भी पढ़ें: COVID-19: गेहूं कटाई के दौरान छोटे किसानों के बीच सोशल दिखी डिस्टेंसिंग

लॉकडाउन में दो दिनों से भूखे मां-बेटे के लिए फरिश्ता बनकर पहुंचे डीएम-एसपी
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज