Corona को हराकर घर लौटे शख्‍स ने कहा- कभी एहसास नहीं हुआ कि अस्पताल में हूं

मंसूर आलम को सम्मानित करते अस्पताल के कर्मचारी और डॉक्टर

मंसूर आलम को सम्मानित करते अस्पताल के कर्मचारी और डॉक्टर

मंसूर आलम (Mansoor Alam) ने बताया कि अस्पतालकर्मियों के व्यवहार से उन्हें यह कभी भी एहसास नहीं हुआ कि वह कोरोना पॉजिटिव मरीज हैं.

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नवादा. नवादा सदर अस्पताल (Nawada Sadar Hospital) से एक अच्छी खबर सामने आई, जहां कोरोना के तीसरे मरीज को आज छुट्टी दे दी गई. तीसरे कोरोना विजेता (Corona winner) का नाम  मंसूर आलम है और वे मेसकौर प्रखंड के बहादुरपुर गांव (Bahadurpur Village) के रहने वाले  हैं. उन्हें रविवार को सदर अस्पताल से घर जाने की इजाजत दी गई. नवादा जिला अधिकारी यशपाल मीणा एवं सिविल सर्जन विमल प्रसाद सिंह की मौजूदगी में मंसूर आलम को छुट्टी दी गई है. मनसूर पिछले महीने के 11 तारीख को कोरना पॉजिटिव पाए गए थे. लगातार दो रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें सदर अस्पताल से छुट्टी देने का फैसला लिया गया है. अस्पतालकर्मियों ने ताली बजाकर एवं उपहार देकर उन्हें घर के लिए विदा किया है. उन्हें नवादा जिला प्रशासन के द्वारा कोरोना योद्धा का भी प्रमाण पत्र दिया गया है.

कभी नहीं लगा घर से बाहर हूं

छुट्टी पाने के बाद कोरोना से जंग जीतने वाले मंसूर आलम ने बताया कि उन्हें यह कभी भी एहसास नहीं हुआ कि वह कोरोना के पॉजिटिव मरीज हैं. जिस दिन से वह अस्पताल में आए उस दिन से सभी अस्पतालकर्मियों ने उनकी अच्छी तरह से देखभाल की. किसी चीज की कभी भी कोई दिक्कत नहीं होने दी. उन्हें कभी भी नहीं लगा कि वे अपने घर में नहीं हैं. उन्हें हमेशा यह एहसास हुआ कि एक मेहमान की तरह उनकी खातिरदारी की जा रही है. घर जाने से पूर्व मनसूर ने सभी लोगों से यह अपील की कि लोग अपने लक्षण को छुपाए नहीं और जरा सी भी लक्षण होने पर अस्पताल आकर जरूर जांच कराएं और प्रशासन को इस कार्य में मदद करें, क्योंकि जांच से ही कोरोना से जंग जीती जा सकती है.

जिलाधिकारी ने लोगों से मदद करने की अपील
नवादा जिलाधिकारी यशपाल मीणा ने लोगों से अपील की है कि लोग सचेत रहें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें. जरा भी संदेह होने पर जांच के लिए सदर अस्पताल पहुंचे. अस्पताल में लोगों के लिए पूरी व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि नवादा में कोरोना का फिलहाल एक भी मरीज सदर अस्पताल में  मौजूद नहीं है. केवल एक कंटेनमेंट जोन है. फिलहाल, मनसूर को घर जाने के बाद 14 दिन तक होम क्वारेंटाइन में रहना होगा. उन्हें एंबुलेंस से घर भेजा गया है. घर जाने से पहले मंसूर काफी खुश थे. उन्होंने सभी अस्पतालकर्मियों का आभार प्रकट किया. मंसूर सदर अस्पताल से पूरे 22 दिन बाद स्वस्थ होकर अपने घर लौटे हैं.

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