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सांपों की दुर्लभ प्रजाति के साथ पकड़े गए तस्कर, करोड़ों में हुई थी डील

Anil Vishal | News18 Bihar
Updated: December 9, 2019, 9:10 AM IST
सांपों की दुर्लभ प्रजाति के साथ पकड़े गए तस्कर, करोड़ों में हुई थी डील
बिहार के नवादा से बरामद सांप

इस मामले में नवादा (Nawada) के डीएफओ (DFO) ने बताया कि चुकी यह वाइल्ड एनिमल की श्रेणी में आता है लिहाजा इसकी तस्करी के दौरान पकड़े जाने पर सजा का प्रावधान है.

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नवादा. जिला के सिरदला प्रखंड में सांप की तस्करी (Snake Smuggling) करने वाले छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है. छापेमारी के दौरान पकड़े गये सांप तस्करों के पास से रेड सैंड बोआ प्रजाति का दुर्लभ सांप (Snake) बरामद हुआ है वहीं छापेमारी के दौरान कुल 6 सांप बरामद किया गया है जिसमें एक रेड सैंड बोआ, एक कॉमन सैंड बोआ और चार भारतीय कोबरा सांप हैं.

इनकी हुई गिरफ्तारी

गिरफ्तार तस्करों में सिरदला प्रखंड के बांधी ग्राम कचहरी के वार्ड नं 12 के पंच सदस्य चक गांव निवासी विशाल संपेरा, रजौली पंचायत के हरदिया पंचायत के पूर्व मुखिया भोलेशंकर राजबंशी उर्फ भोला राजबंशी, हरदिया सेक्टर बी निवासी रामेशर राजबंशी के पुत्र दयानंद राजबंशी, अकबरपुर थाना के बड़ैल निवासी रामजतन चौहान के पुत्र कुंदन चौहान, नवादा नगर थाना क्षेत्र के नवीनगर मुहल्ला निवासी द्वारिका प्रसाद के पुत्र बीरेंद्र कुमार और सिरदला थाना क्षेत्र के पचम्बा निवासी बाबूलाल प्रसाद के पुत्र पवन बिहारी शामिल हैं. पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर इन सभी को गिरफ्तार किया है.

पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर की कार्रवाई

एएसपी अभियान कुमार आलोक ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सभी को गिरफ्तार किया गया है. सूचना के बाद सिरदला पुलिस एवं डीआईयू की टीम को छापेमारी दल में शामिल किया गया. सूचना मिली थी कि एक थैले के माध्यम से किसी चीज की तस्करी की जा रही है, जिसे मुम्बई भेजा जाना है. जांच और छापेमारी के दौरान झोले से सांप बरामद हुए. पूछताछ के बाद सांप की तस्करी करने वाले अन्य गिरोह के बारे में पता लगाया जा रहा है. सिरदला थाना में पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो तस्करों ने बताया कि सांप विशाल सपेरा के यहां सुरक्षित रखा गया है. खोजबीन के बाद विशाल सपेरा के कमरे से ही सांप बरामद हो गया. पुलिस ने इस सांप को वन विभाग के हवाले कर दिया है।

डीएफओ ने कहा

गिरफ्तारी के बाद नवादा डीएफओ अवधेस कुमार ओझा ने बताया कि बरामद सांप रेड सैंड बोआ और कोबरा ही है. अंधविश्वास के कारण लोग इसे दो मुंह वाला सांप भी कहते हैं. दूसरे देश में इस सांप की मांग ज्यादा है. इसके अलावे मलेशिया,चीन,इंडोनेशिया में इससे शक्तिवर्धक दवा, कैंसर एवं अन्य जटिल रोगों के लिए दवाएं बनाई जाती है और यही कारण है कि इन देशों में इसकी दाम करोड़ों में पहुंच जाती है. फिलहाल पुलिस ने इस मामले को वन विभाग को सौंप दिया है और आगे की कार्रवाई कर सभी को जेल भेजा जाएग. संभवतः जिले में अबतक इस सांप की तस्करी का पहला मामला है.तस्करी के कारण हो सकती है सात साल की सजा

डीएफओ ने बताया कि चुकी यह वाइल्ड एनिमल की श्रेणी में आता है लिहाजा इसकी तस्करी के दौरान पकड़े जाने पर सजा का प्रावधान है. वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के अनुसार कोबरा को शेड्यूल 2 की श्रेणी में रखा गया है जिसमें 3 साल से 7 साल की सजा का प्रावधान है, जबकि रेड सैंड बौआ को शेड्यूल 4 की श्रेणी में रखा गया है जिसमें 3 साल की सजा का प्रावधान है. इसके साथ साथ आर्थिक दंड का भी प्रावधान है.

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First published: December 9, 2019, 8:29 AM IST
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