मुठभेड़ में मारा गया 10 लाख का इनामी नक्सली कमांडर, परिजन बोले- हमारे पास पैसे नहीं, शव को घर पहुंचा दे पुलिस

गया पुलिस ने नक्सली कमांडर को मुठभेड़ में मार गिराया है. (फाइल फोटो)
गया पुलिस ने नक्सली कमांडर को मुठभेड़ में मार गिराया है. (फाइल फोटो)

पुलिस (Police) मे 10 लाख के इनामी जोनल नक्सली कमांडर (Naxalite commander) आलोक चतरा को मुठभेड़ (Encounter) में मार गिराया है. वहीं नक्सली के घर वालों ने कहा है कि उनके पास इतने पैसे नहीं हैं, जिससे कि हम शव (Dead Body) को अपने घर तक ला सकें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 22, 2020, 7:00 PM IST
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गया. बिहार (Bihar) के गया जिले के अंतर्गत बाराचट्टी थाना क्षेत्र में देर रात पुलिस (Police) के साथ हुई मुठभेड़ (Encounter) में मारे गये माओवादी जोनल कमांडर आलोक के परिजनों ने गया पुलिस (Police) से शव देने की गुहार लगाई है. परिजनों का कहना है कि बाल्यकाल में ही उसका बेटा नक्सली संगठन में शामिल हो गया था, जिसके चलते उनकी आर्थिक स्थिति बद से बदतर हो चुकी है.

परिजनों का कहना है कि आलोक की पत्नी उसके संगठन में शामिल होने के बाद से अपने मायके में रहती है. ऐसे में बिहार के गया से शव लाने की भी स्थिति में आज उसके परिजन नहीं हैं, क्योंकि शव को लाने के गाड़ी चाहिए और उसके लिए पैसे उनके पास नहीं हैं. परिजनों ने गया पुलिस और जिले के वरीय पुलिस पदाधिकारियों से शव चतरा स्थित उसके गांव मंगवाने की गुहार लगाई है.

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परिजनों ने कहा कि वर्ष 2002 में मैट्रिक की परीक्षा पास करने के बाद उसकी शादी कर दी गई थी, लेकिन गांव में हुई एक हत्या की घटना में उसे फर्जी केस में फंसा दिया गया था, जिसके बाद वह घर-परिवार छोड़कर भाकपा माओवादी संगठन में शामिल हो गया था. परिजनों ने बताया कि आलोक संगठन में जाने के बाद से अब तक घर नहीं लौटा है. उसके घर मे अब बूढ़े माता-पिता ही रह गए हैं. परिजनों ने कहा कि उसे कई बार हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की थी, लेकिन वह नहीं माना. अब आलोक के परिजनों ने अन्य नक्सलियों से मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है.
गौरतलब है कि पुलिस इनकाउंटर में मारा गया दस लाख रुपये का इनामी जोनल कमांडर आलोक चतरा सदर थाना क्षेत्र के बरैनी-सिकिद गांव का रहने वाला था. उसके विरुद्ध जिले के विभिन्न थानों में एक दर्जन से अधिक दुर्दांत मामले दर्ज हैं और पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी.
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