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नीतीश का मास्टर स्ट्रोक, अति पिछड़े उद्यमियों को दिया बंपर ऑफर, 5 लाख तक के लोन पर कोई ब्याज नहीं
Patna News in Hindi

Ravi Shankar | News18Hindi
Updated: January 24, 2020, 10:58 PM IST
नीतीश का मास्टर स्ट्रोक, अति पिछड़े उद्यमियों को दिया बंपर ऑफर, 5 लाख तक के लोन पर कोई ब्याज नहीं
नीतीश ने बताया कि ऐसे उद्यमियों को ऋण देने के साथ ही उनके उद्यम से संबंधित ट्रेनिंग भी दी जाएगी. इससे वे उद्योग से सही लाभ कमा सकेंगे. (फाइल फोटो)

अब बिहार में अति पिछड़े वर्ग के उद्यमियों को भी दलितों की ही तर्ज पर ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा. उद्यमियों को दी जाने वाली 5 लाख तक की राशि पर कोई ब्याज नहीं लगेगा.

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  • Last Updated: January 24, 2020, 10:58 PM IST
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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में अभी 6 महीने से ज्‍यादा समय बाकि है लेकिन इससे पहले ही सीएम नीतीश कुमार ने अपना मास्टर स्ट्रोक चल कर सभी को हैरानी में डाल दिया है. जननायक कर्पूरी जयंती के मौके पर जदयू की ओर से पटना के कृष्‍ण मेमोरियल हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में नीतीश ने बड़ा ऐलान कर दिया. उन्होंने इस दौरान कहा कि अब बिहार में अति पिछड़े वर्ग के उद्यमियों को भी दलितों की ही तर्ज पर ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा. उद्यमियों को दी जाने वाली 5 लाख तक की राशि पर कोई ब्याज नहीं लगेगा.

ट्रेनिंग भी दी जाएगी
इसके साथ ही नीतीश ने बताया कि ऐसे उद्यमियों को ऋण देने के साथ ही उनके उद्यम से संबंधित ट्रेनिंग भी दी जाएगी. इससे वे उद्योग से सही लाभ कमा सकेंगे. उन्होंने कहा कि अभी तक सिर्फ दलितों को ही ऐसा ऋण दिया जा रहा था लेकिन अब अति पिछड़े वर्ग के उद्यमियों को भी इसका लाभ दिया जाएगा.

आरजेडी ने कहा- ये चुनावी घोषणा

वहीं नीतीश कुमार के इस एलान को आरजेडी ने चुनावी घोषणा करार दिया है. आरजेडी के नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि सरकार के अब अतिपिछड़े क्यों याद आ रहे हैं. अगर अतिपिछड़ों के लिए कुछ करना था तो पिछले 14 सालों में क्यों नही किया गया. नीतीश कुमार का ये एलान जुमला साबित होगा.

खेला नया कार्ड
अतिपिछड़े उद्यमियों को ब्याज मुक्त ऋण देने की घोषणा कर नीतीश कुमार ने साफ कर दिया है कि एकबार फिर अति पिछड़ों के सहारे सत्ता में वापसी की तैयारी है. पिछले विधानसभा चुनाव में भी अतिपिछड़ों का बड़ा वोटबैंक नीतीश कुमार गोलबंद करने में सफल हुए थे. जिसका नतीजा था कि बड़े बहुमत के साथ सत्ता में वापसी हुई थी. माना जा रहा है कि CAA और NRC के मुद्दे के कारण मुसलमान वोटबैंक में हुए बिखराव को अतिपिछड़ा वोटबैंक से नीतीश बराबर करना चाहते हैं.

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First published: January 24, 2020, 10:58 PM IST
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