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बिहार: वर्ष 2019-20 में ऑनलाइन 29.89 करोड़ का राजस्व हुआ जमा, अगले साल से होगा सिर्फ ये काम

Neel kamal | News18 Bihar
Updated: January 17, 2020, 8:31 PM IST
बिहार: वर्ष 2019-20 में ऑनलाइन 29.89 करोड़ का राजस्व हुआ जमा, अगले साल से होगा सिर्फ ये काम
वर्ष 2019-20 में ऑनलाइन 29.89 करोड़ का राजस्व हुआ जमा.

डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अगले वित्तीय वर्ष से पूरी तरह से ऑनलाइन भू-लगान जमा कराने की बात कही है. जबकि इस बार राज्‍य को 29.89 करोड़ का राजस्व ऑनलाइन मिला है.

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पटना. डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में समीक्षा बैठक कर कई निर्देश जारी किए. आज उन्‍होंने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (Revenue and Land Reforms Department) की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अगले वित्तीय वर्ष से पूरी तरह से ऑनलाइन भू-लगान जमा कराने की बात कही है. इसके अलावा लगान की राशि क्रेडिट और डेबिट कार्ड से भी स्वीकार करने का निर्देश दिया. साथ ही उन्होंने भू-अर्जन के प्रत्येक चरण की कार्रवाई व भू-धारियों को किए जाने वाले भुगतान को कम्प्यूटराइज्ड करने का भी निर्देश दिया. डिप्‍टी सीएम ने भविष्य में भू-धारियों को होने वाले भू-मुआवजा के भुगतान को सीएफएमएस प्रणाली से भी जोड़ने का निर्देश दिया. बहरहाल, समीक्षा बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक सिंह, वित्त सचिव राहुल सिंह के अलावा वरीय विभागीय अधिकारी मौजूद थे.

डिप्‍टी सीएम ने दाखिल खारिज को लेकर कही ये बात
सुशील मोदी ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण दाखिल खारिज में काफी तेजी आई है. 2017-18 में दाखिल खारिज के लिए जहां 13.41 लाख याचिकाएं आई थी, वहीं 2019-20 में 25.25 लाख याचिकाएं प्राप्त हुई हैं. उन्होंने बताया कि 15 जनवरी 2020 तक 16.25 लाख यानी करीब 64 प्रतिशत का केस का निपटारा किया जा चुका है. बाकी बचे केस के निपटारे की प्रक्रिया जारी है. इसके साथ ही 3.56 करोड़ जमाबंदी को डिजिटाइज्ड कर बिहार सरकार की वेबसाइट पर उसे प्रकाशित किया जा चुका है.

 

इस बार मिला है इतना राजस्‍व
राज्य के सभी अंचलों को ऑनलाइन भू-लगान भुगतान की प्रक्रिया से जोड़े जाने के कारण 2019-20 में 15 जनवरी तक 18.16 लाख भूधारियों ने ऑनलाइन लगान जमा किया और इससे 29.89 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है. राज्य के प्रत्येक अंचल में इस साल फरवरी के अंत तक चार-चार डाटा इंट्री ऑपरेटर की सेवा उपलबध करा दी जाएगी, ताकि भू-अभिलेखों के कम्प्यूटरीकृत संधारण, दाखिल-खारिज व अन्य कार्यों में तेजी आ सके.

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First published: January 17, 2020, 8:16 PM IST
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