बिहार: कोरोना संक्रमण में फिर इजाफा लेकिन रिकवरी रेट ने दी राहत; 10920 नए केस

अच्छी बात ये है कि बिहार में कोरोना से रिकवरी रेट बढ़कर 82.77 पर पहुंच गया है.

अच्छी बात ये है कि बिहार में कोरोना से रिकवरी रेट बढ़कर 82.77 पर पहुंच गया है.

विगत 24 घंटे में राज्य में 10920 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है. राज्य में 24 घन्टे में कुल 72 लोगों की मौत हुई है. एक्टिव मरीजों की संख्या में कमी जरूर आ रही है.अच्छी बात ये है कि राज्य में रिकवरी रेट में तेजी से इजाफा हो रहा है.

  • Share this:

पटना. राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों के आंकड़ों में अभी तेजी से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. कल की तुलना में मंगलवार को फिर आंकड़ों में इजाफा देखने को मिला और विगत 24 घंटे में राज्य में 10920 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है. वहीं एक्टिव मरीजों की संख्या में कमी जरूर आ रही है. राज्य में अब भी एक्टिव मरीज की संख्या 102099 है. सबसे ज्यादा पॉजिटिव मरीज पटना में मिले हैं जहां एक साथ 1702 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है जबकि बेगूसराय में 511,पूर्वी चम्पारण में 442, पूर्णिया में 579, समस्तीपुर में 782, मुजफ्फरपुर में 452, मधुबनी में 435, वैशाली में 493, औरंगाबाद में 430, गया में 405, कटिहार में 338, सारण में 355, गोपालगंज में 317 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है. सबसे चिंता की बात तो ये है कि रोजाना मौत के आंकड़ों में कमी नहीं आ रही है.

राज्य में 24 घन्टे में कुल 72 लोगों की मौत हुई है जिसमें पटना के एम्स में 11, पीएमसीएच में चार और आईजीआईएमएस में पांच मरीजों की इलाज के दौरान मौत हुई है. अच्छी बात ये है कि राज्य में तेजी से रिकवरी दर में इजाफा हो रहा है और रिकवरी दर बढ़कर 82.77 पर पहुंच गया है. वहीं पटना में भी एक्टिव केसेज की संख्या में गिरावट हुई है और पटना में वर्तमान में 20036 एक्टिव केस दर्ज किए गए हैं. कोरोना के दौरान बिहार के आईएएस अधिकारी भी लगातार चपेट में आ रहे हैं.

बिहार के खनन विभाग के निदेशक रामेश्वर पांडेय भी निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दियाऔर सरकारी महकमे में निधन की खबर सुनते ही शोक की लहर दौड़ गई. रिटायर आईएएस कुंवर जंग बहादुर का भी पटना एम्स में इलाज के दौरान कोरोना से निधन हो गया. कुंवर जंग बहादुर सहरसा के कमिश्नर और अरवल के डीएम रह चुके हैं. पहले की तुलना में कोरोना संक्रमण के आंकड़ों में गिरावट जरूर हुई है लेकिन खतरा टला नहीं है. ऐसे में रोज नए लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं और कई की इलाज के दौरान मौत भी हो रही है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज