बाढ़ से जूझ रहे बिहार के 12 जिले, आफ़त में 19 लाख लोग

बिहार में बाढ़ कहर मचा रही है. नेपाल के तराई क्षेत्रों में अच्छी और लगातार बारिश की वजह से पूर्णिया प्रमंडल यानि बिहार के सीमांचल में हालात बदतर हो गए हैं.

News18 Bihar
Updated: July 16, 2019, 7:03 PM IST
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Updated: July 16, 2019, 7:03 PM IST
बिहार में बाढ़ कहर मचा रही है. नेपाल के तराई क्षेत्रों में अच्छी और लगातार बारिश की वजह से पूर्णिया प्रमंडल यानि बिहार के सीमांचल में हालात बदतर हो गए हैं. अररिया जिला सबसे अधिक प्रभावित है और इसके बाद किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जिलों की हालत बाढ़ से खराब बनी हुई है. पूर्णिया प्रमंडल के जिलों में महानंदा और उसकी सहायक नदियां कनकई, परमान और मेची बहती हैं. साथ ही सौरा और कोसी नामधारी कई छोटी नदियां भी बरसात के दिनों में रौद्ररूप ले लेती हैं. अररिया से लेकर किशनगंज के बीच एनएच 57 और एनएच 31 फिलहाल कई तरह से लाइफलाइन बना हुआ है.

कई जगहों पर बाढ़ और जल जमाव के पीड़ित रैन बसेरा भी बना रहे हैं. बाढ़ और जल जमाव के बीच सरकारी वायदों की पोल खुल रही है. अररिया में पीड़ित लोगों ने कहा है कि पिछले तीन दिनों से उनकी सुध लेने कोई नहीं पहुंचा है. उधर मिथिलांचल के दरभंगा, मधुबनी से भी लोग बाढ़ की आशंका से पलायन कर रहे हैं. केन्द्रीय जल आयोग और मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में बारिश का मौसम बना रहेगा.

बिहार के सीमांचल में बाढ़ की वजह से बुरे हालात हैं.


बारिश और जल जमाव ने पूर्णिया प्रमंडल में खेती और गरीब लोगों के रोजनामचे को बदल दिया है. इसी बीच सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया और पूर्णिया में प्रमंडलभर के अधिकारियों के साथ हालात पर समीक्षा बैठक की.

पूर्णिया में नदियों में उफान के कारण बायसी प्रखंड की दस पंचायत, अमौर और रौटा प्रखंड की करीब एक दर्जन पंचायतों में निचले इलाके में बाढ़ का पानी घुस गया है. काफी लोग तो सड़कों पर शरण लिये हुये हैं. बाढ़ को लेकर महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक परेशान हैं. बाढ़ की स्थित पर डीएम ने कहा है कि कुछ पंचायत प्रभावित हैं लेकिन 2017 वाली स्थिति नहीं है. डीएम ने कहा कि सभी पदाधिकारी और सरकारी कर्मी लगातार लगे हैं. एसडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू कर रही है.

अररिया के हालात
सर्वाधिक प्रभावित अररिया जिले के मदनपुर इलाके में बाढ़ की त्रासदी को देख महसूस किया जा सकता है. सड़कों पर 5 फुट पानी भरा हुआ है. पूरा बाजार झील में तब्दील हो गया है. लोग अपने बलबूते खौफ और आत्मबल के बीच जूझते हुए जिन्दगी काट रहे हैं लेकिन अबतक यहां सरकारी राहत की नाव पहुंच नहीं सकी है. बाजार में जो अनाज का स्टॉक है उसी से यहां के लोग अपना और अपने बच्चों का पेट भर रहे है और इस आस में है कि जब पानी उतरेगा तो अपने घर जाएंगे.
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अररिया में बाढ़ की वजह से बने हालात


बता दें कि जिले में अबतक बाढ़ में 11 लोगों के डूबने से मौत की खबर है लेकिन आधिकारिक तौर पर अभी 9 मौत की ही पुष्टि हो सकी है. जिले में कुल 106 पंचायत बाढ़ प्रभावित हैं, जिनमें 52 पूर्ण तो 54 आंशिक रूप से प्रभावित हैं. अररिया जिले में सबसे अधिक मदनपुर का इलाका प्रभावित है, जहां पानी घटने के बाद भी सड़क पर 4 फुट से लेकर 5 फुट पानी लगा हुआ है. जिला प्रशासन के मुताबिक जिले में कुल 121 बाढ़ राहत केंद्र चलाए जा रहे हैं.

(राजेन्द्र पाठक, सतीश कुमार मिश्रा और कुमार प्रवीण की रिपोर्ट)

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First published: July 15, 2019, 11:45 PM IST
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