चमकी बुखार: मौत का आंकड़ा 160 के पार, केंद्रीय टीम ने की जांच

News18 Bihar
Updated: June 22, 2019, 10:28 AM IST
चमकी बुखार: मौत का आंकड़ा 160 के पार, केंद्रीय टीम ने की जांच
मुजफ्फरपुर के SKMCH में AES से पीड़ित बच्चे

संसद के दोनों सदनों में AES से हो रही मौतों का मामला गूंजा. सबसे पहले राज्यसभा में आरजेडी सांसद मनोज झा ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया. अब तक मौत का आंकड़ा 167 तक पहुंच गया है.

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बिहार में एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) यानी चमकी बुखार से लगातार बच्चों की मौत हो रही हैं. अब तक मौत का आंकड़ा 167 तक पहुंच गया है. वहीं करीब 650 से अधिक मरीज प्रभावित हुए हैं. इनमें सिर्फ मुजफ्फरपुर में ही 129 बच्चे असमय काल के गाल में समा चुके हैं. वहीं SKMCH और केजरीवाल अस्पताल में 131 बच्चे इलाजरत हैं. मुजफ्फरपुर जिले में ही अब तक 580 बच्चे बीमारी से प्रभावित हो चुके हैं.

एसकेएमसीएच पहुंची अधिकारियों की टीम
बता दें कि शुक्रवार को केंद्र सरकार के अपर सचिव मनोज झलानी, एडीशनल हेल्थ सेक्रेटरी, बिहार कौशल किशोर, दिल्ली के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार सिंह, दिल्ली से संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यम, बिहार के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार व जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष एसकेएमसीएच पहुंचे. उन्होंने पीआइसीयू का निरीक्षण कर पीड़ित बच्चों का हाल जाना और चिकित्सकों के साथ बैठक की.

बच्चों की मौत पर संसद में व्यक्त किया गया शोक

शुक्रवार को तीन तलाक बिल पर जोरदार बहस के बीच ही संसद के दोनों सदनों में इस बीमारी से हो रही मौतों का मामला गूंजा. सबसे पहले राज्यसभा में आरजेडी सांसद मनोज झा ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया जिसके बाद बच्चों की मौत पर शोक व्यक्त किया गया. विपक्षी दलों ने केंद्र एवं राज्य सरकार से तुरंत कदम उठाने की मांग की.


बिहारी बाबू ने सरकार को ठहराया जिम्मेदार
बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शमिल हुए पटना से पूर्व सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) और लू से हुई मौतों के लिए मौजूदा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर इसे बिहार के लिए अब तक की सबसे बड़ी त्रासदी बताया.
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First published: June 22, 2019, 9:18 AM IST
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