Lockdown में 30 लाख प्रवासी वापस आ चुके हैं बिहार, नीतीश सरकार की बढ़ी अब ये चिंता
Patna News in Hindi

Lockdown में 30 लाख प्रवासी वापस आ चुके हैं बिहार, नीतीश सरकार की बढ़ी अब ये चिंता
जगदानंद सिंह ने सीएम नीतीश कुमार को बहस की खुली चुनौती दी है.

लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से बिहार (Bihar) को भी राजस्व में काफी घाटा हुआ है. ऐसे में ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नाम पर मनरेगा, कृषि से जुड़े कार्य- प्रमुख होंगे, लेकिन जो कुशल श्रमिक बिहार में आए हैं इनकी संख्या लाखों में है, वो ऐसे काम शायद ही करें. जाहिर है उनका रुख तब सीधा शहर की ओर होगा जिसकी वजह से शहरों पर दबाव बढ़ेगा

  • Share this:
पटना. आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रमुख सचिव प्रत्यय अमृत (Pratyay Amrit) के अनुसार सोमवार तक 30 लाख से अधिक प्रवासी बिहार (Bihar) वापस आ चुके हैं. अभी भी उनके आने का यह सिलसिला जारी है. हालांकि अब रफ्तार थोड़ी कम हुई है. लेकिन इस दौरान एक बड़ी चिंता बिहार सरकार (Bihar Government) को सता रही है वो यह कि भारी संख्या में प्रवासियों (Migrants) के आने से बिहार के शहरी इलाकों में दबाव बढ़ सकता है. रोजगार (Employment) की चाहत में पलायन कर आने वाले लोगों का झुकाव तेजी से शहरों की ओर हो सकता है. दरअसल फिलहाल जो हालात हैं उसके हिसाब से देश के अन्य राज्यों में लोगों के जाने की संभावना कम दिखती है. इसके साथ ही एक बड़ी हकीकत यह भी है कि बिहार के ग्रामीण इलाकों में रोजगार की भारी कमी है.

बिहार के नामचीन उद्योगपति सत्यजीत सिंह आशंका जता रहे हैं कि राज्य में आने वाले समय में नौकरी की तलाश में बड़ी संख्या में पलायन कर आने वाले श्रमिकों का झुकाव शहरी इलाकों में हो सकता है. बिहार सरकार लाख दावा करे कि बिहार में आने वाले श्रमिकों को रोजगार की व्यवस्था सरकार कर रही है, लेकिन जो रोजगार के हालात बन रहे हैं उससे यह नहीं लग रहा है कि सरकार उतना रोजगार उपलब्ध करा सकती है, जितनी संख्या में लोग बिहार पहुचे हैं.

कई सेक्टरों में सरकारी और गैर-सरकारी रोजगार सृजन किया गया 



फिलहाल जो आंकड़े सरकार की तरफ से जारी किए गाए हैं उसके मुताबिक कई सेक्टरों में सरकारी और गैर-सरकारी रोजगार सृजन किया गया है जो लगभग छह लाख पचास हजार के आसपास है. लेकिन बिहार में आने वाले श्रमिकों की संख्या लाखों में है. ऐसे में सरकार पर दबाव बढ़ेगा और गांव में नौकरी की व्यवस्था नहीं होने से झुकाव शहर की ओर हो सकता है.



बड़ी तादाद में प्रवासी बिहारियों के आने से प्रदेश के शहरों पर दबाव बढ़ेगा (प्रतीकात्मक चित्र)


बिहार के योजना और विकास मंत्री महेश्वर हजारी कहते हैं कि समस्या है, लेकिन सरकार हर संभव कोशिश कर रही है कि किसी को रोजगार से वंचित नहीं होना पड़े. वहीं श्रम मंत्री विजय सिन्हा दावा कर रहे हैं कि इस समस्या को दूर करने की पूरी कोशिश सरकार की तरफ से की जाएगी और बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन किया जा रहा है.

आज भी रोजगार के हालात वैसे ही हैं जैसे पहले थे

सरकारी दावा अपनी जगह है, लेकिन बिहार में आज भी रोजगार के हालात वैसे ही हैं जैसे पहले थे. बिहार में औद्योगिकीकरण नहीं होने के कारण रोजगार का संकट परेशानी का सबब बना हुआ है. ग्रामीण इलाकों में आज भी रोजगार की सबसे ज्यादा संभावना कृषि और उसे जुड़े उत्पादों में ही रोजगार मिल पाता है.

लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से बिहार को भी राजस्व में काफी घाटा हुआ है. ऐसे में ग्रामीण इलाकों में रोजगार (Employment in rural areas) के नाम पर मनरेगा, कृषि से जुड़े कार्य- प्रमुख होंगे, लेकिन जो कुशल श्रमिक बिहार में आए हैं इनकी संख्या लाखों में है, वो ऐसे काम शायद ही करें. जाहिर है उनका रुख तब सीधा शहर की ओर होगा जिसकी वजह से शहरों पर दबाव बढ़ेगा.

जाने माने आर्किटेक्ट विष्णु चौधरी कहते हैं कि बिहार के शहरी इलाकों पर पहले से ही दबाव है, ऊपर से अगर गांवों से लोगों का रुख शहर की ओर होगा तो शहरी इलाकों में काफी समस्या बढ़ सकती है. न सिर्फ रोजगार में बल्कि शहरी इलाकों में अतिक्रमण भी बढ़ेगा. बल्कि पहले से ही ज्यादा आबादी का बोझ ढो रहे शहर इन्हें संभाल नहीं पाएंगे. ऊपर से बढ़ी हुई आबादी लॉ एंड आर्डर के साथ-साथ कई दूसरी समस्या पैदा कर सकती है.

lockdown 5
बिहार के ग्रामीण इलाकों में कुशल श्रमिकों के लिए रोजगार की बेहद कमी है (फोटो: पीटीआई)


आने वाले कुछ महीनों में समस्या काफी बढ़ सकती है

बहरहाल बिहार में आने वाले कुछ महीनों में समस्या काफी बढ़ सकती है. कोरोना संक्रमण के केस तेजी से बढ़ रहे हैं. इसके साथ ही इसी महीने मॉनसून आने वाला है जिसकी वजह से कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है. इस कारण निर्माण से जुड़े कई कार्य बंद रहेंगे जिसकी वजह से रोजगार पर असर पड़ सकता है.

ऊपर से चुनावी साल होने की वजह से सियासी हलचल तेज होने से भी कई सरकारी कार्य पर असर पड़ सकता है. जाहिर है इन तमाम चुनौतियों से बिहार को पार पाना होगा. इस वजह से भी रोजगार को लेकर शहरी इलाकों में दबाव बढ़ सकता है.

ये भी पढ़ें


फारुख अब्दुल्ला को कश्मीर समस्या का कसूरवार मानते थे जॉर्ज साहब!




बिहार: CM नीतीश ने जाॅर्ज फर्नांडिस की प्रतिमा का किया ऑनलाइन अनावरण, कांग्रेस ने कही ये बात

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading