बिहार : चक्रवाती तूफान YAAS से लोगों के बचाव के लिए एनडीआरएफ की 5 टीमें कोलकाता रवाना

पटना के जयप्रकाश नारायण हवाईअड्डे पर एयरफोर्स के स्पेशल विमान से पश्चिम बंगाल जाने की तैयारी करते NDRF के लोग.

पटना के जयप्रकाश नारायण हवाईअड्डे पर एयरफोर्स के स्पेशल विमान से पश्चिम बंगाल जाने की तैयारी करते NDRF के लोग.

YAAS का सबसे ज्यादा असर बंगाल और ओडिशा पर पड़ेगा. अंडमान-निकोबार और पूर्वी तट के कुछ इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना है. इससे बाढ़ का खतरा भी बन सकता है.

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पटना. 9वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (National Disaster Response Force) की 5 टीमें चक्रवाती तूफान यास (cyclone YAAS) से निपटने के लिए रविवार की सुबह 5 बजकर 5 बजे रवाना हुई. इस टीम की कमान एनडीआरएफ की 9वीं बटालियन के द्वितीय कमान अधिकारी हरविंदर सिंह के पास है. आज सुबह जयप्रकाश नारायण हवाईअड्डे (ayaprakash Narayan Airport) से एयरफोर्स (Airforce) के स्पेशल विमान से ये टीमें पश्चिम बंगाल के लिए निकलीं. पश्चिम बंगाल के राज्यों के विभिन्न जिलों के लिए रवाना हुईं ये 5 टीमें अत्याधुनिक आपदा प्रबंधन और संचार उपकरणों से लैस हैं.

5 टीमों में हैं 145 बचावकर्मी

कमांडेंट विजय सिन्हा ने बताया कि एनडीआरएफ बल मुख्यालय नई दिल्ली के आदेश के मुताबिक पश्चिम बंगाल में चक्रवात यास से निपटने के लिए ये टीमें भेजी गई हैं. 9वीं वाहिनी की इन 5 टीमों को चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए पश्चिम बंगाल के कोलकाता के उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों में तैनात किया जाएगा. इन टीमों में कुल 145 बचावकर्मी शामिल हैं. ये तमाम बचावकर्मी चक्रवाती तूफान यास के दौरान हर चुनौती का सामना करने को तैयार हैं और आपदा की इस घड़ी में स्थानीय लोगों की हरसम्भव मदद करेंगे.

बंगाल और ओडिशा पर यास के सबसे ज्यादा असर का पूर्वानुमान
कमांडेंट विजय सिन्हा के मुताबिक, एनडीआरएफ ने बताया कि चक्रवाती तूफान यास को लेकर पहले से ही आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. इसका सबसे ज्यादा असर बंगाल और ओडिशा पर पड़ेगा. अंडमान-निकोबार और पूर्वी तट के कुछ इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना है. इससे बाढ़ का खतरा भी बन सकता है.

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