Covid-19: रोजाना 3 हजार मरीज मिलने के बाद भी खाली हैं पटना के PMCH कोरोना वार्ड के 50 फीसदी बेड
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Covid-19: रोजाना 3 हजार मरीज मिलने के बाद भी खाली हैं पटना के PMCH कोरोना वार्ड के 50 फीसदी बेड
पटना का पीएमसीएच अस्पताल

Covid-19; PMCH पटना ही नहीं पूरे बिहार का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है. पटना के ही एम्स (Patna AIIMS) और एनएमसीएच (NMCH Patna) में भी कोरोना (Corona Patient) के मरीजों की जांच की जा रही है.

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पटना. बिहार में जहां लगातार कोरोना के मरीजों (Covid-19) की संख्या बढ़ रही है और हर रोज औसतन तीन से चार हजार नए मरीज मिल रहे हैं, लेकिन सूबे के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच (PMCH, Patna) में अब भी 50 फीसदी से ज्यादा बेड खाली रह रहे हैं. PMCH यहां का कोविड-19 अस्पताल भी है, फिर भी यहां कोरोना वायरस के मरीज नहीं जा रहे हैं. इस बात की जानकारी खुद पीएमसीएच के कोविड अस्पताल (Corona Hospital) के प्रभारी डॉ. अजय अरुण ने दी है. उन्होंने बताया कि मरीज यहां कम आ रहे हैं, जबकि यहां की सुविधा निजी अस्पतालों से भी बेहतर है.

डॉ. अजय अरुण ने कहा कि पीएमसीएच के कोविड-19 हॉस्पिटल में 50 फ़ीसदी से ज्यादा बेड खाली हैं. सभी बेड पर ऑक्सीजन पाइप की व्यवस्था है और 25 से ज्यादा वेंटिलेटर की सुविधा है. यानी कोरोना संक्रमण से पीड़ित मरीजों के लिए जो इलाज की व्यवस्था होनी चाहिए, वह सभी व्यवस्था पीएमसीएच में उपलब्ध है. इसके लिए अलग से वार्ड बनाया गया है. हर बेड पर सभी सुविधाएं हैं, फिर भी मरीज पीएमसीएच नहीं आ रहे हैं.

प्राइवेट अस्पताल से से भी बेहतर सुविधा



पीएमसीएच कोविड-19 अस्पताल के प्रभारी डॉ. अजय अरुण उनके मुताबिक पीएमसीएच में मरीजों की सुविधा का ख्याल रखा जाता है. प्राइवेट अस्पताल से बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं. किसी भी तरह का कोई पैसा नहीं लिया जाता है. मरीजो को खाने से लेकर दवा तक मुफ्त दी जा रही है. प्रतिदिन 6-7 मरीज ठीक होकर जा रहे हैं और वो यहां के इलाज से काफी खुश है, लेकिन मरीज यहां नहीं आ रहे हैं.
भरोसेमंद है एंटीजन किट 

आपको बता दें कि बिहार में अभी रोज 87 हजार से ज्यादा कोरोना की जांच हो रही है. यह बात भी सामने आ रही है कि लोगों को एंटीजन रैपिड टेस्ट पर बहुत ज्यादा भरोसा नहीं है. इसकी तहकीकात के लिए न्यूज़ 18 की टीम जब पीएमसीएच पहुंची तो कोविड-19 के जांच के प्रभारी डॉ राणा एनके सिंह ने बताया एंटीजन रैपिड टेस्ट किट पूरी तरह से विश्वसनीय है और सुरक्षित है. इससे गांव-गांव में टेस्ट हो रहा है. यदि किसी मरीज को सिम्पटम है तो उसका अलग RTPCR से जांच कराया जाता है और अलग वार्ड में रखा जाता है. डॉ राणा ने भरोसा दिलाया कि एंटीजन किट भरोसेमंद है इसमे कोई दिक्कत नही है.
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